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हजारीबाग: मरीज की मौत पर नर्सिंग होम में तोड़फोड़, चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग

Hazaribagh: पदमा में रविवार को मरीज की मौत को लेकर परिजनों ने नर्सिंग होम में हंगामा किया. आक्रोशित परिजनों ने नर्सिंग होम में तोड़फोड़ की. मामला पदमा निवासी वीरेंद्र भगत की पत्नी शीशम देवी की मौत से जुड़ा है. नवाबगंज स्थित आशा किरण नर्सिंग होम से मरीज को रेफर किया गया था. रांची ले जाने के क्रम में मरीज की मौत हो गई. उसके बाद मरीज के परिजनों ने नर्सिंग होम में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की. फिर महिला के शव लेकर परिजनों ने लोहसिंगना थाने में प्रदर्शन किया. थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिंह के समझाने के बाद मामला शांत हुआ. उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. फिर महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया. दूसरी ओर बताया गया कि अस्पताल के संचालक डॉ डीके राज के खिलाफ प्राथिमकी दर्ज कर ली गई. मृतका के परिजनों ने इस संबंध में लोहसिंगना थाने में आवेदन देकर नर्सिंग होम संचालक डॉ डीके राज और अन्य तीन डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की. मृतका के बेटे विक्की कुमार के थाने में दिए आवेदन के अनुसार उसकी मां शीशम देवी को हर्निया की बीमारी थी. उसे शुकवार को ऑपरेशन के लिए नर्सिंग होम लाया गया था. वहां डॉ डीके राज व डॉ विवेक कुमार ने लेजर ऑपरेशन करने की बात कही. इसमें 35 हजार रुपए जमा किए गए. लेकिन नर्सिंग होम के संचालक ने लेजर से हर्निया का ऑपरेशन नहीं कर ऑपरेशन थियेटर में ले जाकर महिला मरीज का पेट खोल दिया. वहां चार डॉक्टर ऑपरेशन में जुट गए. इस बीच महिला की तबीयत बिगड़ने लगी. ब्लीडिंग ज्यादा होने लगी. तब डॉ डीके राज ने महिला के परिजनों को पांच हजार रुपए देकर अपनी एंबुलेंस से रांची भेज दिया. इसे भी पढ़ें– आर्थिक">https://lagatar.in/good-news-on-the-economic-front-india-will-be-the-worlds-third-largest-economy-by-2029-sbi-report/">आर्थिक

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रांची ले जाने के क्रम में महिला की रास्ते में ही मौत हो गई. मौत की खबर सुनते ही परिजनों नर्सिंग होम पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया. फिर परिजन शव को लेकर लोहसिंगना थाना पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे. परिजनों ने कहा कि इस नर्सिंग होम अस्पताल में डीके राज फर्जी डॉक्टर है. वह झोलाछाप डॉक्टर धीरज कुमार राज के नाम से जाना जाता है. वहीं विवेक कुमार भी इस ऑपरेशन में शामिल थे. परिजनों ने कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन होगा. परिजनों ने नर्सिंग होम के संचालक और डॉक्टरों के साथ लाइसेंस देने वालों पर भी जांच की मांग की. परिजनों ने कहा कि का सदर अस्पताल कैंपस स्थित सिविल सर्जन कार्यालय से करीब सौ मीटर नवाबंगज में संचालित इस नर्सिंग होम को देखने वाला कोई अधिकारी नहीं है. पूर्व में भी इस नर्सिंग होम पर कई आरोप लग चुके हैं. पहले भी इन सब कारणों से इस नर्सिंग होम को सील कर दिया गया था. इसे भी पढ़ें– आज">https://lagatar.in/cant-criticize-pm-modi-today-danger-of-going-to-jail-said-former-supreme-court-judge/">आज

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