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हजारीबाग : इचाक के कवातू में पानी के लिए हाहाकार, कुछ कीजिए सरकार

ग्रामीणों ने लगाई प्रशासन और जन प्रतिनिधियों से भी गुहार कुएं में पाताल छू रहा जलस्तर, गड्ढे में जमा पानी में कर रहे स्नान Pramod Upadhyay Hazaribagh : गर्मी शुरू होते ही ग्रामीण इलाकों में पानी की परेशानी बढ़ गई है. इन दिनों इचाक के कवातू में भी पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ. लोग अभी से ही त्राहिमाम कर रहे हैं और सरकार से पेयजल व्यवस्था की गुहार लगा रहे हैं. दरअसल गांवों में कुएं का जलस्तर पाताल छूने लगा है. आधा से अधिक चापाकल खराब हैं. परेशानी इस कदर बढ़ गई है कि लोग पत्थर की बंद खदानों के गड्ढों में जमे पानी में किसी प्रकार स्नान कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें :देश">https://lagatar.in/first-forecast-of-monsoon-released-in-the-country-rain-will-be-less-than-normal-danger-of-el-nino/">देश

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चुनाव के वक्त हाथ जोड़कर घर-घर घूमते हैं और जरूरत के समय नजर भी नहीं आते नेताजी : ग्रामीण

तिलरा के राणा मुहल्ला और कवातू के हरिजन टोला के ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के वक्त हाथ जोड़कर घर-घर घूमते हैं और जरूरत के समय नेताजी नजर भी नहीं आते हैं. आज जब पानी की घोर किल्लत हो रही है, तो जनप्रतिनिधि झांकने तक नहीं आ रहे. चापाकलों को भी ठीक नहीं किया गया है. आगे पूरी गर्मी बाकी है, कहां से पानी लाएंगे. ग्रामीणों का कहना है कि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो आनेवाले कुछ ही दिनों में बूंद-बूंद पानी के लिए लोग तरसेंगे. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/llll-1.jpg"

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4.50 लाख का सरकारी कूप भी किसी काम का नहीं : ललिता देवी

कवातू हरिजन मुहल्ला की ललिता देवी कहती हैं कि करीब 4.30 लाख का सरकारी कूप भी किसी काम का नहीं है. जहां-तहां सरकारी कूप का निर्माण कर छोड़ दिया गया है. उससे न सिंचाई हो पा रही है और न ही पीने योग्य पानी है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/dddd-1.jpg"

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नहाने के लिए जाना पड़ रहा जंगल : दुखनी देवी

कवातू की दुखनी देवी कहती हैं कि नहाने के लिए दो किलोमीटर दूर जंगल जाना पड़ रहा है. कुएं में पानी इतना कम हो गया है कि पीने के लिए नहीं बच रहा है. ऐसे में नहाने के लिए पत्थर खदान के गड्ढे में जमा पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं. मवेशियों का प्यास बुझाना भी मुश्किल हो गया है. इसे भी पढ़ें :भाजपा">https://lagatar.in/trying-influence-bjps-secretariat-siege-police-threatening-activists-deepak-prakash/">भाजपा

के सचिवालय घेराव को प्रभावित करने की कोशिश, कार्यकर्ताओं को धमका रही पुलिस- दीपक प्रकाश
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एक चापाकल पर 45 घर निर्भर : बुधनी देवी

बुधनी देवी कहती हैं कि गांव में दो चापाकल था. एक खराब हो गया. उसे बनानेवाला कोई नहीं है. एक चापाकल पर 45 घर निर्भर है. इस चापाकल पर सुबह से ही पानी के लिए होड़ मची रहती है. यह चापाकल भी धीरे-धीरे दम तोड़ता प्रतीत हो रहा है.

फंड के अभाव में नहीं बन रहे चापाकल : मुखिया

मुखिया काजल देवी ने बताया कि उनके पास चापाकल बनाने का कोई फंड नहीं है. तिलरा और कवातू में पानी की परेशानी है. पीडब्ल्यूडी के माध्यम से नल-जल योजना चल रही है. ठेकेदार से कहकर जल्द बोरिंग कराने का प्रयास करेंगे. इसे भी पढ़ें :भाजपा">https://lagatar.in/trying-influence-bjps-secretariat-siege-police-threatening-activists-deepak-prakash/">भाजपा

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स्थल निरीक्षण कर कराएंगे पानी की व्यवस्था : बीडीओ

बीडीओ रिंकू कुमारी ने बताया कि उन्हें उन गांवों में पानी की किल्लत की जानकारी नहीं थी. ‘शुभम संदेश’ से पानी की समस्या की जानकारी मिली है, तो स्थल निरीक्षण करा लेते हैं. फिर पानी की परेशानी दूर करने की व्यवस्था करेंगे. [wpse_comments_template]

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