नियमों को ताक पर रखकर किया गया आवास का आवंटन, ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ गड़बड़ी Hazaribagh: कटकमसाडी प्रखंड क्षेत्र में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रखंड के आवास कोआर्डिनेटर की मिलीभगत से उल्टा सीधा कर लाभुकों को खाते में किस्त की राशि का भुगतान करने का काम किया जा रहा है. ताजा मामला कटकमसाडी प्रखंड विकास पदाधिकारी सविता सिंह द्वारा लुपुंग और खुटरा पंचायत के पांच लाभुकों को अबुआ आवास योजना में भुगतान पर रोक लगाने के बावजूद प्रखंड आवास कोआर्डिनेटर द्वारा लाभुकों के खाते में प्रथम किस्त की राशि का भुगतान किया गया. प्रखंड मुख्यालय में कार्यरत आवास कोआर्डिनेटर और स्थानीय जनप्रतिनिधि की मिलीभगत से ओबीसी को जनरल, अनुसूचित जनजाति को ओबीसी में, अनुसूचित जाति को ओबीसी श्रेणी से आवास का आवंटन किया गया. ताज़ा मामला कटकमसाडी प्रखंड क्षेत्र के बाझा पंचायत का है. इसे भी पढ़ें-ट्रैफिक">https://lagatar.in/traffic-sp-appeared-in-high-court-court-said-take-care-that-ambulances-and-school-buses-do-not-get-stuck-in-jam/">ट्रैफिक
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एक ही परिवार को बार-बार योजना का लाभ देने का आरोप
प्रियंका देवी, पति हरिश्चंद्र महतो ओबीसी के अंतर्गत आती है लेकिन उन्हें सामान्य श्रेणी से आवास का आवंटन किया गया. वहीं सरस्वती देवी, पति जादो आगेरिया अनुसूचित जनजाति श्रेणी के अंतर्गत आती है लेकिन उन्हें सामान्य वर्ग से आवास आवंटित किया गया है. इससे पात्र सामान्य वर्ग का व्यक्ति इस लाभ से वंचित हो गया, जबकि बाझा पंचायत में दो ही आवास सामान्य वर्ग के लिए आवंटित किया जाना था, हुआ है एक भी नहीं. इसके अलावा छोटी देवी, पति सूरज भुइयां अनुसूचित जाति में शामिल है, लेकिन उन्हें ओबीसी में शामिल किया गया है. अबुआ आवास योजना में स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रखंड कर्मी के द्वारा गड़बड़झाला कर लाभुकों से अवैध रूप से उगाही की जा रही है. इसी तरह रोमी पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में भी एक ही परिवार को बार-बार योजनाएं मुखिया और पंचायत सचिव द्वारा स्वीकृत की गयी है, जो जांच का विषय बना हुआ है. इसे भी पढ़ें-महिलाओं">https://lagatar.in/the-path-to-politics-is-not-easy-for-women-deepika-pandey-singh/">महिलाओंके लिए राजनीति करने की राहें आसान नहीं है : दीपिका पांडेय सिंह [wpse_comments_template]
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