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हजारीबाग: चट्टी बरियातू कोल माइंस में ब्लास्टिंग के खिलाफ गोलबंद हुए ग्रामीण

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Hazaribagh: जिले का चट्टी बरियातू कोल माइंस एक बार फिर विवादों में है. दरअसल कोल माइंस में ब्लास्टिंग टेस्ट किया जा रहा है. ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन के साथ आगामी 20 अगस्त को हमलोगों के साथ बैठक है. बैठक करने के बाद जो निर्णय होगा, उसके बाद ही काम करने की अनुमति ग्रामीण कंपनी को देंगे. ग्रामीणों का कहना है कि अभी ब्लास्टिंग किया जा रहा है. अगर इसमें किसी तरह का नुकसान हुआ तो इसका जिम्मेवार कंपनी होगी. हज़ारीबाग के बड़कागांव में कोल उत्खनन कराना चुनौती बनता जा रहा है. चट्टी बरियातू कोल माइंस में एक बार फिर कंपनी और भू-रैयतों के बीच विवाद गहराता जा रहा है. रैयतों का साफ तौर से कहना है कि जब तक ग्रामीण और कंपनी के बीच में सहमति नहीं बनेगी काम नहीं करने दिया जाएगा. ग्रामीणों के विरोध के बाद रित्विक एमआर एनटीपीसी सहायक कंपनी के पदाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर टेस्ट करने की बात कही. इसे भी पढ़ें- झामुमो">https://lagatar.in/jmm-mla-lobin-formed-jharkhand-bachao-morcha/">झामुमो

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कहा कि इस टेस्ट में किसी भी तरह का नुकसान ग्रामीणों को नहीं होगा. अगर नुकसान होगा तो इसकी भरपाई कंपनी करेगी. लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग रहे. ऐसे में टेस्टिंग का कार्य भी बाधित हुआ. ग्रामीण का यह भी कहना है कि हम माइंस का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों को हक मिलना चाहिए. जब तक त्रिपक्षीय वार्ता नहीं होगी, माइंस में काम करने नहीं दिया जाएगा. इस दौरान केरेडारी प्रमुख सुनीता देवी, मुखिया संघ के अध्यक्ष महेश प्रसाद, विनोद नायक, सुंदर राम, प्रेम रंजन पासवान, संजय साहू, किशोर, राजकुमार साहू और राजेंद्र माली समेत विभिन्न पंचायतों के ग्रामीण मौजूद थे. इसे भी पढ़ें- बिहार">https://lagatar.in/bihar-police-stopped-congress-workers-on-foot-march-to-raj-bhavan/">बिहार

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