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हजारीबाग : हुनर को मिला साथ, तो कर दिखाया कमाल

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बेटी ने मां और सहेली के साथ मिलकर किया स्टार्टअप, 20 लोगों को दिया रोजगार महज 1500 रुपए में शुरू की कंपनी, अब महीने में कर रहीं तीन लाख का व्यवसाय Gaurav Prakash Hazaribagh : समाज में कई ऐसे लोग हैं, जो प्रेरणा की स्रोत हैं. उन्ही में एक हैं काजल नंदी. उनके हुनर को अपनों का ही साथ मिला, तो कमाल कर दिखाया. दाअसल जमशेदपुर के जादूगोड़ा में उन्होंने वर्ष 2019 में एक वर्कशॉप की नींव रखी. एक छोटा सी कंपनी परीतृप्ति की शुरुआत की. काजल नंदी ने अपनी मां अनीता नंदी, सहेली खुशबू और पार्टनर अनिल कुमार ने उसका साथ दिया. महज 1500 रुपए से इस कंपनी की बुनियाद रखी गई और आज तीन लाख रुपए महीने का व्यवसाय कर रही हैं. इतना ही नहीं इसमें 20 महिलाओं को रोजगार से जोड़ रखा है. इसे भी पढ़ें :चांडिल">https://lagatar.in/chandil-two-arrested-with-810-kg-ganja-trailer-seized-and-many-news-from-kolhan/">चांडिल

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स्वावलंबी मेले में बिखर रहा काजल के हुनर का जादू

हजारीबाग के पैराडाइज रिसोर्ट में स्वावलंबी मेले का आयोजन किया गया है. इसमें यह युवती काजल नंदी जमशेदपुर से पहुंची हैं. उन्होंने गुजरात ट्रेडिशन के आधार पर महिला आभूषण के व्यवसाय की शुरुआत कीं. वह शीशा, सीप और धागे से महिलाओं से जुड़ी शृंगार का सामान बनाती हैं. इसमें चूड़ी, माला, कमर धनी से लेकर कान की बाली तक शामिल हैं. इस यूनिट की खासियत यह है कि विलुप्त हो रहे भारतीय परंपरागत परिधान को फिर से जीवित करने का प्रयास किया है. यही कारण है कि जहां दर्जनों स्टॉल लगाए गए हैं. लेकिन इस स्टॉल के प्रति लोग स्वत: आकर्षित होकर आ रहे हैं. यही नहीं उनके उत्पाद खरीदे जा रहे हैं और लोग उस युवती के साथ सेल्फी भी ले रहे हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/10/sringar-2_453-1.jpg"

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पाई-पाई को थी मोहताज, फिर भी कोविड काल में नहीं छोड़ा हौसला

काजल नंदी बताती हैं कि कोविड काल में व्यवसाय की स्थिति बेहद खराब हो गई थी. एक-एक रुपए के लिए कंपनी मोहताज हो गई थी. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दिन-रात मेहनत की. इसका सुखद फलाफल यह रहा कि फिर से वह कंपनी खड़ी हो रही है. उनका कहना है कि 1500 रुपए से तीन लाख तक का सफर बहुत परिश्रम वाला है. लेकिन तीन लाख भी यूनिट के लिए बहुत छोटी रकम है, चूंकि 20 लोगों को रोजगार दिया गया है. सभी महिलाएं आठ घंटे काम करती हैं और उन्हें वेतन देना होता है. इसके साथ-साथ सामान बनाने में पूंजी भी खर्च होती है. इस कारण इस व्यवसाय को और आगे बढ़ाने की जरूरत है. काजल यह भी कहती हैं कि यह सारे हैंडमेड सामान हैं और महिलाओं को प्रमोट करने की इच्छा से कंपनी बनाई गई है. अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार देना ही इस कंपनी का उद्देश्य है. इसे भी पढ़ें :शारदीय">https://lagatar.in/sharadiya-navratri-pm-modi-wrote-garbamusic-video-released/">शारदीय

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कंप्यूटर साइंस से फैशन की ओर मुखातिब

काजल नंदी कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट हैं. लेकिन जुड़ाव फैशन से रहा. यही कारण है कि उन्होंने लिंक से हटकर काम किया और आज अपनी अलग पहचान बना रही हैं. वह अपनी उत्पाद परीतृप्ति कंपनी के नाम पर ऑनलाइन भी उपलब्ध करा रही हैं. काजल चाहती हैं कि इस कंपनी को इस तरह बढ़ाई जाए, जिसमें सैकड़ों महिलाओं को जोड़कर रोजगार दिया जा सके. हजारीबाग में उन्होंने पहली बार स्टॉल लगाया है. अब उन्हें इच्छा है कि देश के कोने-कोने में कंपनी के स्टॉल लगें और लोग उनकी कला को समझ सकें. काजल नंदी की परीतृप्ति कंपनी में राजवती, सावित्री मुर्मू, सुनीता, पुष्पा, टुसू समेत कई महिलाएं अपनी भविष्य को नई दिशा देने में लगी हुई हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/10/sringar-1_625-1.jpg"

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खुशी है कि युवतियां व्यवसाय की ओर आगे बढ़ रही हैं : स्वाति

हस्तनिर्मित महिला शृंगार के सामान खरीदने वाली स्वाति साव कहती हैं कि यह देखकर बेहद खुशी होती है कि आजकल की युवतियां व्यवसाय की ओर आगे बढ़ रही हैं. यह उनके इनोवेटिव आइडिया को दर्शाता है. ऐसे स्टार्टअप करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए. कुछ इसी सोच के साथ इस स्टॉल से उन्होंने कई सामान खरीदे हैं. [wpse_comments_template]

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