Search

हजारीबाग की ऐतिहासिक 98 साल पुरानी रामनवमी को दिया जाएगा पुस्तक का रूप

Hazaribagh : हजारीबाग की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रामनवमी जुलूस को लेकर अब पुस्तक लिखने की तैयारी चल रही है. संस्था विजय शंखनाद आने वाले दो सालों में पुस्तक लिखकर तैयार करेगी. इसकी जानकारी विजय शंखनाद के सदस्य अमरदीप यादव ने रविवार को मधुबन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल रामनवमी के ऐतिहासिक -सांस्कृतिक महत्व को दर्शाने के लिए दो पुस्तकों का प्रकाशन किया जाएगा. इसके माध्यम से हजारीबाग रामनवमी से जुड़े समग्र तथ्यों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा. अंग्रेजी में ‘द लेगेसी ऑफ हजारीबाग रामनवमी’ होगा. इसका स्वरूप एक कॉफी टेबल बुक के रूप में होगा. इसका उद्देश्य 1925 से चली आ रही हजारीबाग की भव्य रामनवमी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक विशेषताओं को पुस्तक के माध्यम से लोगों को बताना है. वहीं दूसरी पुस्तक हजारीबाग की रामनवमी हिंदू संस्कृति का गौरव महोत्सव होगा. दोनों पुस्तक के जरिए हजारीबाग की भव्य रामनवमी को लिखित रूप देने की योजना है. इस पुस्तक के लेखक डॉ. वीरेंद्र अनुपम विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग में इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक हैं. सह लेखक बुध प्रिय मौर्य आदित्य विनोबाभावे विश्वविद्यालय हजारीबाग में इतिहास विभाग और अमरदीप यादव विश्वविद्यालय में वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग में शोधार्थी हैं. अमरदीप यादव ने जानकारी दी कि हजारीबाग के सभी अखाड़े, समिति, लाइसेंसधारी पूर्व एवं वर्तमान, महासमिति के पूर्व अध्यक्ष एवं उनकी समितियों के सदस्यगण, समाज के लोग, मीडियाकर्मी, प्रशासनिक पदाधिकारी इस पुस्तक को लिखने में अपना योगदान दें. पुस्तक का विमोचन रामनवमी महापर्व 2025 में होने की योजना बनाई गई है. इसे भी पढ़ें : बेमियादी">https://lagatar.in/health-of-an-agitator-sitting-on-an-indefinite-hunger-strike-deteriorated-refused-to-go-to-the-hospital/">बेमियादी

भूख हड़ताल पर बैठे एक आंदोलनकारी की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल जाने से इंकार, कहा- जान दे देंगे मगर रामनवमी का उल्लास नहीं होने देंगे कम
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp