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HC ने रांची नगर निगम से पूछा, 2020 में नालों को ढकने का आदेश दिया था तो पूरा क्यों नहीं किया?

  • कांटाटोली में खुले नाले में डूबने से दो वर्षीय मासूम की मौत मामला

Ranchi :  कांटाटोली में खुले नाले में गिरने से दो वर्षीय मासूम बच्चे की मौत मामले को झारखंड हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है. मंगलवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और  न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने कोर्ट के स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई की.

 

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रांची नगर निगम से पूछा कि जब 4 दिसंबर 2020 को कोर्ट ने शहर के सभी नालों को 6 माह में ढकने का आदेश दिया था, तो अब तक उस आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया.

 

कोर्ट ने सरकार से मृतक बच्चे के परिजनों को मुआवजा दिलाने के संबंध में भी पूछा है. साथ ही अधिवक्ता कुमार वैभव को एमिकस क्यूरी बनाया है. खंडपीठ ने मामले में रांची नगर निगम से जवाब मांगा है. अब इस याचिका पर अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी.

 

खेलते-खेलते नाले में बह गए थे दो बच्चे

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों रांची के कांटाटोली स्थित मौलाना आजाद कॉलोनी के रोड नंबर-7 के पास नाले को बिना ढके छोड़े जाने के कारण हादसा हुआ था. घटना के समय मासूम घर के बाहर खेल रहा था, तभी अचानक उसका हाथ छूटा और वह खुले नाले में गिर गया था.

 

लोगों और परिजनों ने तत्काल बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश की. मां ने एक बच्चे को तो बचा लिया. लेकिन दूसरा तेज बहाव में बह गया. काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने इस पर स्वत: संज्ञान लिया. 

 

 

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