Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन की ओर से कांस्टेबल कैडर के सिपाहियों के एसीपी से जुड़े अवमानना याचिका की सुनवाई की. मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने सरकार को हाईकोर्ट के एकल पीठ के 16 .08 2024 के आदेश का अनुपालन चार सप्ताह में करने का निर्देश दिया है.
साथ ही कोर्ट ने आदेश का पालन नहीं होने पर डीजीपी को वर्चुअली कोर्ट के समक्ष हाजिर रखने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने पक्ष रखा.
दरअसल, हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायमूर्ति अंबुज नाथ की अदालत ने प्रार्थी की दाखिल याचिका को स्वीकार किया था. एकल पीठ ने डीजीपी द्वारा सिपाहियों के लिए एसीपी लाभ में लगाई गई तीनों शर्तों को निरस्त कर दिया था. साथ ही कांस्टेबल कैडर के सिपाहियों को एसीपी का लाभ समय से देने का निर्देश दिया गया था.
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा था कि कार्यरत और सेवानिवृत्त सिपाहियों एवं हवलदारों को उनकी देय तिथि से बिना किसी शर्त के एसीपी का लाभ दिया जाए.
इससे पहले प्रार्थी ओर से बताया गया था कि कांस्टेबल कैडर के सिपाहियों व हवलदारों को एसीपी का लाभ तभी मिलेगा, जब वह ट्रेनिंग पास कर जाएंगे, इसे चुनौती दी गई थी. बाद में डीजीपी ने तीन शर्त लगा दी जो गलत है. पहली शर्त लगाई गई थी कि यदि सिपाही स्वेच्छा से ट्रेनिंग में नहीं जाते हैं या पहली बार में ट्रेनिंग पास नहीं करते हैं, तो उन्हें एसीपी का लाभ नहीं मिलेगा. प्रार्थी ने इन शर्त को गलत बताते हुए निरस्त करने का आग्रह किया था इसे एकल पीठ ने स्वीकार कर लिया था.
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