Ranchi : झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला डिजिटल फिल्म निर्माण: ड्रोन एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया.कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक फिल्म निर्माण तकनीकों से जोड़ना और उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था.
कार्यशाला के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया. इस दौरान स्टोरीबोर्ड निर्माण, कैमरा एंगल, ड्रोन के उपयोग, शूटिंग तकनीक, एडिटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई.

विद्यार्थियों ने इन तकनीकों को न केवल समझा, बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप में लागू भी किया. कार्यशाला की विशेष उपलब्धि यह रही कि विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में डस्टबिन और बटुआ नामक दो लघु फिल्मों का निर्माण किया.
इन फिल्मों की स्क्रीनिंग भी की गई, जिसे शिक्षकों और छात्रों ने खूब सराहा. इस प्रक्रिया ने विद्यार्थियों को वास्तविक फिल्म निर्माण का अनुभव प्रदान किया.इस अवसर पर विभाग के डीन एवं अध्यक्ष प्रो. देवव्रत सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में फिल्म निर्माण के लिए रचनात्मकता के साथ-साथ तकनीकी दक्षता भी अनिवार्य है. उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को अपनाने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया.
कार्यक्रम में डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अमृत कुमार, अजेंगा पामेई और रामनिवास सुथार की सक्रिय उपस्थिति रही. विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए विशेषज्ञों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया.
कार्यक्रम का समापन समन्वयक डॉ. रश्मि वर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. यह कार्यशाला विद्यार्थियों के कौशल विकास और उन्हें आधुनिक मीडिया तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई.
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