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Court News :  HC का निर्देश, ओपन जेल की मॉनिटरिंग के लिए 10 दिनों में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करे सरकार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत राज्य के ओपन जेल (Open Correctional Institutes)  में सुविधा उपलब्ध कराने और इसकी मॉनिटरिंग करने को लेकर कोर्ट के स्वत: संज्ञान पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.
 
  • राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन को लेकर गंभीर नहीं है

Ranchi :  सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत राज्य के ओपन जेल (Open Correctional Institutes)  में सुविधा उपलब्ध कराने और इसकी मॉनिटरिंग करने को लेकर कोर्ट के स्वत: संज्ञान पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.

 

मामले में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य के मुख्य सचिव को 10 दिनों के अंदर तीन सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी बनाने का निर्देश दिया है. साथ ही यह भी कहा कि आगे कोई समय-विस्तार नहीं मांगा जाए.

 

अदालत ने सरकार को 24 जून तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया. साथ ही झारखंड में संचालित सभी ओपन जेल की स्थिति, प्रबंधन और कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण भी 24 जून तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. राज्य सरकार की 8 सप्ताह समय बढ़ाने की मांग वाली याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी.

 

कौन-कौन होंगे मॉनिटरिंग कमेटी में 

कमेटी में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष या उनके नामित प्रतिनिधि, गृह सचिव या अपर सचिव स्तर से नीचे नहीं का नामित अधिकारी और कारा विभाग का वरिष्ठ अधिकारी (कम से कम DIG स्तर का), जिसे गृह विभाग नामित करेगा शामिल रहेंगे.

 

राज्य सरकार SC-HC के आदेशों के अनुपालन को लेकर गंभीर नहीं

इससे पहले राज्य सरकार की ओर से 8 सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगते हुए एक हस्तक्षेप याचिका (I.A.) दायर किया गया. जिसपर अदालत ने कहा कि समय बढ़ाने के लिए दिए गए कारण अस्पष्ट और गलत हैं. 

 

सुप्रीम कोर्ट पहले ही मॉनिटरिंग कमेटी की संरचना तय कर चुका है. फिर राज्य सरकार द्वारा "ड्राफ्ट कमेटी" तैयार करने की बात समझ से परे है. हस्तक्षेप याचिका के साथ कोई ड्राफ्ट भी संलग्न नहीं किया गया.

 

खंडपीठ ने टिप्पणी की कि इससे यह प्रतीत होता है कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन को लेकर गंभीर नहीं है. अब मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी.   

 

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों को ओपन जेल की मॉनिटरिंग करने के लिए गृह विभाग को एक कमेटी बनाने को कहा है.  कमेटी ओपन जेल की मॉनिटरिंग करे और वहां सुविधाओं जिम चिकित्सा सुविधा, भोजन आदि सुविधा को बेहतर करने सहित कैदियों को मुख्य धारा से जोड़ने पर काम करे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है.

 

 

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