- उपभोक्ता आयोग के सेवानिवृत्त चार पदाधिकारियों को तत्काल पुनर्नियुक्ति का आदेश
Ranchi Court News : झारखंड हाईकोर्ट ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति से जुड़े चार मामलों में फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रौशन की कोर्ट ने चार सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को तत्काल पुनर्नियुक्त करने का आदेश दिया है.
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन पदाधिकारियों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के Limaye-I फैसले से पहले हुई थी और जिनका कार्यकाल नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से पहले समाप्त हो गया, उन्हें नई नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने तक पद पर बने रहने का अधिकार है.
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21 मई 2025 की तारीख को आधार बनाना गलत
राज्य सरकार ने 10 अक्टूबर 2025 को जारी अधिसूचना संख्या 2689 में केवल उन अध्यक्षों एवं सदस्यों का कार्यकाल अगली नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने तक बढ़ाया था, जो 21 मई 2025 या उसके बाद सेवानिवृत्त हुए थे.
हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत बताया. अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के Limaye-II फैसले में 21 मई 2025 की तारीख को पात्रता की कटऑफ तारीख नहीं बनाया गया है.
कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया था कि Limaye-I से पहले नियुक्त होकर सेवा दे रहे राज्य एवं जिला उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों को अपना कार्यकाल पूरा करने दिया जाएगा. यदि उनका कार्यकाल नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से पहले समाप्त हो जाता है, तो उन्हें नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक पद पर जारी रखा जाएगा.
चारों याचिकाकर्ताओं को मिलेगा पिछली तारीख से लाभ
हाईकोर्ट ने चारों याचिकाकर्ताओं को तत्काल पुनर्नियुक्त करने का आदेश दिया है. साथ ही उन्हें संबंधित सेवानिवृत्ति की तारीख से लगातार सेवा में माना जाएगा. उमेश सिंह को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, लातेहार में सदस्य के पद पर 8 फरवरी 2025 से लगातार सेवा में माना जाएगा.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सुरेश चंद्र जायसवाल को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, जामताड़ा के अध्यक्ष पद पर 30 दिसंबर 2024 से लगातार सेवा में माना जाएगा. वहीं बिमल कुमार लकड़ा को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, सिमडेगा के सदस्य पद पर 21 सितंबर 2024 से लगातार सेवा में माना जाएगा.
चंदन बनर्जी को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, दुमका के सदस्य पद पर 2 नवंबर 2024 से लगातार सेवा में माना जाएगा. यह निरंतरता नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने और/या नियमों में उपयुक्त संशोधन होने तक रहेगी.
राज्य सरकार की अधिसूचना में संशोधन
कोर्ट ने कहा कि 10 अक्टूबर 2025 की अधिसूचना संख्या 2689 में जिस हिस्से में केवल 21 मई 2025 या उसके बाद सेवानिवृत्त हुए अध्यक्षों एवं सदस्यों को ही अगली नियुक्ति प्रक्रिया तक कार्यकाल विस्तार दिया गया था, वह सुप्रीम कोर्ट के Limaye-II के निर्देशों के अनुरूप नहीं है.
इसलिए अदालत ने उक्त अधिसूचना को संशोधित/परिवर्तित कर दिया और निर्देश दिया कि Limaye-I से पहले नियुक्त एवं सेवा दे रहे अध्यक्षों और सदस्यों को नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक पद पर जारी रखा जाए.
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