Ranchi : हाईकोर्ट ने सरकार द्वारा 560 दिनों की देरी को माफ नहीं किया. राज्य सरकार ने अपील में 09.05.2024 को W.P.(S) No. 4036/2012 में हाईकोर्ट की एकलपीठ द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी.
इसे भी पढ़ें...
खंडपीठ ने कहा कि 560 दिन की देरी के लिए कोई पर्याप्त कारण नहीं बताया गया है. इसलिए देरी माफी आवेदन खारिज की जाती है. परिणामस्वरूप सरकार की अपील भी निष्पादित की जाती है.
फाइल इधर-उधर घूमने का बहाना पर्याप्त नहीं
मामले में कोर्ट के समक्ष यह बात आई कि 560 दिनों के देरी पर सरकार द्वारा अपील तैयार करना केवल फाइल इधर-उधर घूमने का बहाना पर्याप्त नहीं है. सरकार ने कहा कि फाइल विभिन्न विभागों में चली, कानूनी राय ली गई और प्रशासनिक अनुमोदन लिया गया.
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की कोर्ट ने कहा कि यह सामान्य सरकारी प्रक्रिया है, जो 560 दिन की देरी का उचित कारण नहीं है.
विधानसभा चुनाव का तर्क कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया
राज्य सरकार ने कहा है कि वर्ष 2024 के झारखंड विधानसभा चुनावों में पूरी सरकारी मशीनरी व्यस्त थी. हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि चुनाव 13 और 20 नवंबर 2024 को हुए, परिणाम 23 नवंबर 2024 को आ गए. उसके बाद भी सरकार ने लगभग 13 महीने बाद (22 दिसंबर 2025) अपील दायर की. इस अवधि की कोई संतोषजनक व्याख्या नहीं दी गई.
3 महीने की इस देरी का कोई कारण नहीं बताया
खंडपीठ ने पाया कि 07.05.2025 को आवश्यक दस्तावेज विभाग को भेज दिए गए थे. लेकिन अपील या पुनर्विचार पर चर्चा 02.08.2025 को हुई. लगभग 3 महीने की इस देरी का कोई कारण नहीं बताया गया. अपने आदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के कुछ महत्वपूर्ण फैसलों पर भरोसा किया.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment