National News: एयरपोर्ट पर निकोटिन पाउच बेचने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अडानी ग्रुप को फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि ड्यूटी-फ्री दुकानों पर बेचे जाने वाले सामान घरेलू कानूनों के दायरे से बाहर नहीं है.
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ड्यूटी-फ्री बिक्री के एक मामले में अडानी ग्रुप ने अप्रैल में इस फैसले को चुनौती दी थी. अधिकारियों का कहना था कि मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अडानी की दुकानों में निकोटिन पाउच का स्टॉक रखा गया और उन्हें बेचा गया. निकोटिन पाउच को भारत में मंजूरी नहीं मिली है.
अडानी ग्रुप ने कोर्ट में यह तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए बने क्षेत्रों में स्थित दुकानें घरेलू नियमों के दायरे से बाहर हैं, क्योंकि वे भारत के क्षेत्रीय अधिकारी क्षेत्र से बाहर स्थित हैं.
कोर्ट में अपनी दलीलों में अडानी ग्रुप की ओर से यह भी तर्क दिया कि निकोटिन पाउच नशीली दवा नहीं है और एक ताजा आविष्कार है. वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर इस बात से असहमति जताई.
कोर्ट ने आदेश में कहा कि ऐसे सामान देश के कानून के अधीन होंगे और लागू नियामक व्यवस्था द्वारा शासित होंगे. भले ही लेन-देन कस्टम ड्यूटी बैरियर के पार, ड्यूटी-फ्री शॉप्स में हो, आगे कहा कि भारतीय क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ड्यूटी-फ्री शॉप्स में लाए गए ऐसे सामानों पर घरेलू नियामक व्यवस्था पूरी तरह से लागू होगी.
गौतम अडानी का ग्रुप भारत में आठ एयरपोर्ट्स का मैनेजमेंट करता है और हवाई यात्रा की बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए ड्यूटी फ्री दुकानों समेत 11 अरब डॉलर का बड़ा विस्तार प्लान बना रहा है.
भारतीय अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि निकोटिन पाउच का स्टॉक रखना ड्रग कानूनों का बड़ा उल्लंघन और जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है. हालांकि अडानी ग्रुप ने किसी भी गलत काम से इनकार किया.
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