Ranchi: इन दिनों सचिवालय में साहब की चर्चा है. उनकी दो बड़ी पहचान बतायी जाती है. इसमें से एक पहचान उनके द्वारा हर काम NO से शुरू करना बताया जाता है. दूसरी पहचान जिला मालिक रहते हुए नेता जी का पैर छूना बताया जाता है. पहले उनके पैर छूने का चर्चा थी. अब NO से शुरू होने की चर्चा जोरों पर है.
साहब अभी एक विभाग के शीर्ष पद पर तैनात हैं. उनके विभाग के कर्मचारी भी उनका सामना करने से कतराते हैं. साहब के आने की खबर से सभी सतर्क हो जाते हैं. क्योंकि पता नहीं साहब कौन सी फाइल मांग लें. वह जिस फाइल को मांगते हैं, उस पर सैकड़ों सवाल उठाते हैं. इसलिए विभाग ने उन्हें क्वेरी मास्टर(Query Master) के नाम से भी जाना जाता है. सवाल-जवाब के इस दौर में फाइल का वजन बढ़ता जाता है. कभी-कभी फाइल लिखने वालों को कारण बताओ नोटिस का जवाब भी देना पड़ता है. कभी-कभी तो कर्मचारी के पहुंचने के पहले ही कारण बताओ नोटिस उसके टेबुल पर पहुंचा रहता है.
कंप्यूटर ऑपरेटर तो साहब से सबसे ज्यादा डरे सहमे रहते हैं. टाइपिग की गलती पर सजा मिलती है. किसी को कारण बताओ नोटिस तो किसी को डांट फटकार. कई को तो टाइपिंग की गलती की सजा के तौर पर विभाग से भगाया भी जा चुका है. जांच पड़ताल में साहब की नजर काफी तेज है. कौमा-फुलस्टॉप की पकड़ते हैं. उसके लिए सजा बड़ी ही देते हैं. क्योंकि इस गतली से तो अर्थ का अनर्थ हो जाता है.
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