Jamshedpur : गुजरात में चल रहे तीन दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में स्वास्थ्य मंत्री व झारखंड के अधिकारियों ने झारखंड का पक्ष रखा. 7 मई, 2022 तक चलने वाले इस चिंतन शिविर की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया कर रहे हैं. इस सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्रों से संबंधित नीतियों व कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा और आम लोगों के लाभ के लिए इन नीतियों व कार्यक्रमों के बेहतर कार्यान्वयन के तरीकों और साधनों की सिफारिश करना है. टैंट सिटी नर्मदा, केवड़िया में आयोजित स्वास्थ्य चिंतन शिविर का उदघाटन गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल ने किया. शिविर में भारत सरकार की स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार, नीति आयोग के सदस्य डॉ वी के पॉल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उप-राज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी, उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे सहित उन्नीस राज्यों व केंद्रीय शासित प्रदेशों के मंत्री व आला अधिकारी भाग ले रहे हैं. स्वास्थ्य चिंतन शिविर में झारखंड का प्रीतिनिधित्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा परिवार कल्याण विभाग अरूण कुमार सिंह एवं झारखंड राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी के कार्यक्रम निदेशक भुवनेश प्रताप सिंह कर रहे हैं.
इसे भी पढ़ें : BIG">https://lagatar.in/big-breaking-ias-pooja-singhals-father-in-law-arrested-ed-arrested-from-madhubani-residence/">BIG
BREAKING: IAS पूजा सिंघल के ससुर गिरफ्तार, ईडी ने मधुबनी आवास से कियाअरेस्ट कुपोषण से अधिकारियों को कराया अवगत
चिंतन शिविर के दौरान भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिलकर झारखंड के अधिकारियों ने यहां व्याप्त कुपोषण जैसी समस्याओं से अवगत कराया. साथ ही बताया गया कि खनिज संपदा से भरपूर होने के बावजूद झारखंड पिछड़ा हुआ है तथा अपने हक से वंचित रहा है. इसका मुख्य कारण है कि केंद्रीय सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के चयन के समय झारखंड के साथ सदैव पक्षपात किया जाता रहा है.
इसे भी पढ़ें : खरसावां">https://lagatar.in/kharsawan-election-observer-held-meeting-with-candidates-of-chief-and-ward-member/">खरसावां
: चुनाव पर्यवेक्षक ने मुखिया व वार्ड सदस्य के प्रत्याशियों के साथ बैठक की राजनैतिक प्रतिद्वंदिता में विकास वाधित नहीं हो : बन्ना गुप्ता
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता में राज्यों का विकास बाधित नहीं होना चाहिए. राज्यों में किसी भी पार्टी की सरकार हो, केंद्र को योजनाओं के आवंटन में दोहरा मापदंड नहीं अपनाना चाहिए. मंत्री बन्ना गुप्ता ने जमशेदपुर, धनबाद एवं रांची के लिए तीन एम्स की मांग रखी. उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि बुजुर्गों के लिए बुस्टर डोज निःशुल्क मुहैया कराई जाए. झारखंड एक गरीब राज्य है, यहां की जनता पर बूस्टर डोज के शुल्क का बोझ डालना उचित नहीं है. [wpse_comments_template]
Leave a Comment