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झारखंड में हर पंचायत में बनेगा हेल्थ कॉटेज, स्वास्थ्य व्यवस्था होगी हाईटेक : इरफान अंसारी

Ranchi : नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में बुधवार को ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन विषय पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.

 

इस मौके पर उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही सभी पंचायतों में हेल्थ कॉटेज स्थापित करेगी. यहां इलाज के साथ-साथ स्वास्थ्य के अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन के जरिए दूरदराज के इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी.

 

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कार्यक्रम में राज्यभर के सिविल सर्जन, ई-संजीवनी टेलीमानस के प्रतिनिधि और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान इरफान अंसारी, सांसद विजय हांसदा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन की प्रोटोकॉल गाइडलाइंस का अनावरण किया. साथ ही बेहतर कार्य करने वाले 13 डॉक्टरों और 12 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया.

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड काल में ई-संजीवनी ने लोगों को बड़ी राहत दी थी और अब इसे और मजबूत किया जाएगा. उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि मरीजों के साथ उनका व्यवहार सरल और संवेदनशील होना चाहिए ताकि मरीज अपनी समस्या खुलकर बता सकें.

 

उन्होंने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में एआई आधारित तकनीकों को शामिल कर बड़ा सुधार किया जाएगा. इसके लिए सभी स्वास्थ्यकर्मियों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने सिविल सर्जनों से निर्भीक होकर काम करने और मरीजों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की.

 

इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए जल्द ही एक मजबूत मॉनिटरिंग सेल बनाया जाएगा. अच्छे काम करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई होगी.

 

उन्होंने बताया कि राज्य में खून की कमी दूर करने के लिए नई ब्लड पॉलिसी लाई जाएगी. इसके तहत एजेंसी के माध्यम से रक्त उपलब्ध कराया जाएगा और लोगों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी होगा.

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में 747 अबुआ मेडिकल स्टोर खोलने की प्रक्रिया चल रही है. यहां लोगों को दवाएं आसानी से मिलेंगी और उनके उपयोग की जानकारी भी सरल भाषा में दी जाएगी.उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी स्वास्थ्य संस्थान का कभी भी औचक निरीक्षण कर सकते हैं. इसका उद्देश्य व्यवस्था में सुधार लाना है.

 

कार्यक्रम में शशि प्रकाश झा ने कहा कि ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन गलत इलाज और भ्रम से बचाने में काफी मददगार है. उन्होंने डॉक्टरों से बेहतर काम करने की अपील की ताकि दूरदराज के लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके.

 

 


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