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ग्रामीण इलाकों में बढ़ा स्वास्थ्य संकट, 14 CHC के स्वास्थ्यकर्मियों को भेजा गया कोविड अस्पताल रांची

Pravin Kumar

Ranchi: कोरोना महामारी के बीच राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ सुविधा भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है. रांची जिले के ग्रामीण इलाकों के लोगों की स्वास्थ्य की कीमत पर रांची में कोविड का इलाज किया जा रहा है. रांची के ग्रामीण इलाकों में मौजूद समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की संख्या एक या फिर नगण्य हो गई है. जिले में 14 समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद हैं. जिनमें पहले से ही डॉक्टर की भारी कमी थी.

वर्तमान समय में राजधानी के कोविड अस्पतालों में डॉक्टर, नर्सों एवं टेक्निशियन की प्रतिनियुक्ति समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से की गई है. सिर्फ सदर अस्पताल रांची में ही 21 डॉक्टर, 84 नर्सों, 48 टेक्निशियनों की प्रतिनियुक्ति की गई है. मांडर एवं खिजरी विधायक ने भी रांची डीसी की आदेश को ग्रामीणों इलाकों में रहने वाले गरीब लोगों के खिलाफ किया गया अपराध बताया है. विधायक ने डीसी रांची के निर्देश पर किये गये प्रतिनियुक्ति को गलत बता रहे हैं.

सदर अस्पताल रांची में किया गया प्रतिनियुक्ति 

सदर अस्पताल को कोविड-19 अस्पताल बनाया गया है. जिला के 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत 21 डॉक्टरों को रांची में ड्यूटी पर लगाया गया है. वहीं 84 नर्सों एवं 48 टेक्नीशियन को भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से रांची कोविड-19 अस्पताल में ड्यूटी पर लगा दिया गया है. जिससे ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधा पूरी तरह झोलाछाप डॉक्टरों के हाथ में आ गई है.

रांची जिले में 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 328 उप केंद्र हैं.

राजधानी रांची के मरीजों का इलाज ग्रामीण आबादी की कीमत पर किया की जा रहा है. जिला में अनगड़ा, बेड़ो, बुडू, बुडमू, चान्हो, कोंके, लांपुग, मांडर, नामकुम, ओरमांझी, रातू, सिल्ली, सोनाहातुव तमाड़ समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले से ही डॉक्टरों की संख्या काम थी. अब रांची में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर पर ग्रामीण इलाकों में पदस्थापित डॉक्टरों, नर्सों एवं 48 टेक्नीशियनों को रांची में ड्यूटी पर लगाया गया है. रांची जिला में 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के द्वारा 328 उप केंद्रों का संचालन किया जाता है.

क्या कहते हैं मांडर विधायक बंधु तिर्की

मांडल विधायक बंधु तिर्की ने लगातार न्यूज़ से बातचीत में कहा कि रांची डीसी ग्रामीण इलाकों के लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं. सभी चिकित्सकों एवं नर्सों को राजधानी के कोविड अस्पताल में लगा दिया गया है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं एवं मलेरिया, टाइफाइड जैसी बीमारी का भी इलाज प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं हो पा रहा है. ना ही किसी तरह का टेस्ट किया जा रहा है. सरकार इस पर तुरंत निर्णय ले.

खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने क्या कहा

खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने कहा रांची डीसी छवि रंजन मनमानी कर रहे हैं. विधायकों का भी फोन नहीं उठा रहे हैं. ऐसे में आम जनता की समस्या को दूर करने में कितनी रूची लेते होंगे रांची डीसी इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है. मेरे विधानसभा के ओरमांझी स्वास्थ्य केंद्र को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. महामरी में इस तरह का निर्णय इंसानियत के खिलाफ है. नामकुम एवं अनगड़ा में एक-एक डॉक्टर मौजूद हैं. विधायक ने एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले चौथे वर्ष के छात्रों को भी मरीजों की देखरेख में लगाने की मांग की. ग्रामीणों की स्वास्थ्य की कीमत पर रांची में उपचार किया जा रहा है.

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