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सुप्रीम कोर्ट में आज CAA को चुनौती देने वाली 200 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई

NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट में आज नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होगी. खबरों के अनुसार इस मामले में 200 से ज्यादा याचिकाएं SC csx लंबित हैं, जिस पर CJI यूयू ललित और जस्टिस रवींद्र भट की पीठ एक साथ सुनवाई करेगी. जान लें कि पूर्व में 12 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई होनी थी, लेकिन समय की कमी की वजह से याचिकाओं को टाल दिया गया था. CAA के खिलाफ याचिकाओं पर पहली बार 18 दिसंबर 2019 को, आखिरी बार 15 जून 2021 को सुनवाई हुई थी. इसे भी पढ़ें : महसा">https://lagatar.in/after-mahsa-aminis-death-in-police-custody-iranian-women-took-to-the-streets-took-off-their-hijabs/">महसा

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देश के कई हिस्सों में इसका विरोध हुआ

देश में CAA कानून दो साल पहले बना था. इसके बाद देश के कई हिस्सों में इसका विरोध हुआ. दिल्ली का शाहीन बाग इलाका इस कानून के विरोध से जुड़े आंदोलन का केंद्र बिंदु बन गया था. CAA में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के प्रवासियों के लिए नागरिकता कानून के नियम आसान बनाये गये हैं. इससे पहले नागरिकता के लिए 11 साल भारत में रहना जरूरी था, इस समय को घटाकर 1 से 6 साल कर दिया गया. इसे भी पढ़ें : भारत">https://lagatar.in/before-starting-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-meets-fishermen-discusses-rising-fuel-prices-reduction-in-subsidy/">भारत

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दोनों सदनों से पास कराया गया बिल

11 दिसंबर 2019 को राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (CAB) पास कराया गया. पक्ष में 125 और खिलाफ में 99 वोट पड़े थे. अगले दिन 12 दिसंबर 2019 को इस पर राष्ट्रपति ने मुहर लगा दी. देशभर में भारी विरोध के बीच बिल दोनों सदनों से पास होने के बाद कानून की शक्ल ले चुका था. इससे पूर्व गृहमंत्री अमित शाह ने 9 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया था.

विरोध में भड़के दंगों में 50 से ज्यादा लोग मारे गये

लोकसभा में आने से पहले ही बिल पर विवाद शुरू हो गया था. जब कानून बन गया तो उसके बाद इसका विरोध और तेज हो गया. दिल्ली के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए. 23 फरवरी 2020 की रात जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर भीड़ के जमा होने के बाद हिंसा भड़क गयी., दंगे शुरू हो गये. इसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गये और सैकड़ों घायल हो गये थे. [wpse_comments_template]  

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