एक ऐसी दुनिया बनते नहीं देख सकते, जहां लोकतांत्रिक मूल्य नहीं हों, राहुल गांधी ने कैंब्रिज के छात्रों से यह कहा
इन विधेयकों को लिया जाएगा वापस
1 - द कॉन्ट्रैक्ट लेबर (रेगुलेशन एंड एबोलिशन) (झारखंड अमेंडमेंट) बिल 2015 : जुलाई 2015 में कैबिनेट स्वीकृति मिली. शीतकालीन सत्र 2015 में विधानसभा से पारित हुआ. मार्च 2016 को इसे राज्यपाल द्वारा केंद्र सरकार को भेजा गया. 2 - द बिहार इंडस्ट्रियल एस्टेब्लिशमेंट (नेशनल एंड फेस्टिवल हॉलिडे एंड कैजुअल लीव) झारखंड अमेंडमेंट बिल 2015 : अगस्त 2015 में कैबिनेट स्वीकृति मिली. शीतकालीन सत्र 2015 में विधानसभा से पारित हुआ. मई 2016 को इसे राज्यपाल द्वारा केंद्र् सरकार को भेजा गया. 3 - द झारखंड लेबर लॉ (अमेंडमेंट) एंड मिसलेनियस प्रोविजन बिल 2018 : मई 2018 में कैबिनेट स्वीकृति मिली. मॉनसून 2018 में विधानसभा से पारित हुआ. जनवरी 2019 को राज्यपाल द्वारा केंद्र् सरकार को भेजा गया. 4 - द इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट (झारखंड अमेंडमेंट) बिल 2018 : जनवरी 2018 में कैबिनेट स्वीकृति मिली. मॉनसून सत्र 2018 में विधानसभा से पारित हुआ. जनवरी 2019 को इसे राज्यपाल द्वारा केंद्र सरकार को भेजा गया. 5 - द झारखंड शॉप एंड इस्टैब्लिशमेंट (अमेंडमेंट) बिल 2018 : सिंतबर 2018 में कैबिनेट स्वीकृति मिली. शीतकालीन सत्र 2018 में विधानसभा से पारित हुआ. सिंतबर 2019 को राज्यपाल द्वारा केंद्र् सरकार को भेजा गया. 6 - द फैक्ट्री (झारखंड अमेंडमेंट) बिल 2019 : जून 2019 में कैबिनेट स्वीकृति मिली. मॉनसून सत्र 2019 में विधानसभा से पारित हुआ. फरवरी 2020 को राज्यपाल द्वारा केंद्र सरकार को भेजा गया. इसे भी पढ़ें - एनटीपीसी">https://lagatar.in/ntpcs-mdo-did-illegal-encroachment-on-dev-sthals-land-district-administration-is-not-able-to-vacate-it/">एनटीपीसीके एमडीओ ने किया देव स्थल की जमीन पर अवैध कब्जा, नहीं खाली करा पा रहा जिला प्रशासन [wpse_comments_template]

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