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खूंटी का हेसेल गांव, जहां से निकले हैं स्टेट और नेशनल लेवल के 26 प्लेयर, हॉकी खिलाड़ी निक्की ने फिर किया कमाल

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Khunti: जिले का मुरहू प्रखंड स्थित हेसेल गांव कोई साधारण गांव नहीं है. हेसेल गांव, जहां से निकले हैं स्टेट और नेशनल लेवल के 26 प्लेयर. यहीं की हॉकी खिलाड़ी निक्की ने फिर कमाल किया है. हेसेल गांव में जन्मी निक्की प्रधान लगातार दूसरी बार ओलंपिक के लिए भारतीय हॉकी टीम में जगह बनाने में सफल रही हैं. निक्की प्रधान ओलंपिक में जानेवाली झारखंड की पहली महिला बन गयी है. जो 2016 में रियो ओलंपिक के बाद, अब टोक्यो ओलंपिक में अपना जौहर दिखाएंगी. इसके साथ ही हेसेल गांव एक बार फिर चर्चा में है. हेसेल गांव खास इस लिए भी है की इस गांव ने अब तक 26 राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं स्टेट लेवल खिलाडि़यों को जन्म दिया है. इसमें से 13 तो खेल की बदौलत सरकारी नौकरी में हैं. इसी में निक्की प्रधान भी शामिल हैं. देखिए वीडियो-  https://www.youtube.com/watch?v=4-WL0mtPLx0

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निक्की प्रधान की सफलता से पूरा गांव खुश

कुल 60 परिवार वाले इस गांव से अब तक 26 राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं स्टेट लेवल के खिलाड़ी निकल चुके हैं. खेल की बदौलत 13 को सरकारी नौकरी भी मिल चुकी है. इसी गांव ने झारखंड को पहला ओलंपियन भी दिया है. निक्की की सफलता से पूरा गांव खुश है. पुलिस से रिटायर्ड पिता सोमा प्रधान एवं मां जीतन देवी अपनी बेटी की सफलता से बेहद खुश हैं. मां कहती हैं कि निक्की बचपन से ही खेलने में तेज थी. उन्होंने बताया की कोच दशरथ महतो ने उसका खेल देख स्कूल के नर्सरी में शामिल कराया और प्रशिक्षण दिया. जिसके कारण उनकी बेटी ने आज यह मुकाम हासिल किया है. इसे भी पढ़ें-स्वर्णजयंती">https://lagatar.in/lhb-coaches-fitted-in-swarnajayanti-and-ltt-express-increased-seat-capacity-with-safe-travel/91520/">स्वर्णजयंती

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खेल की बदौलत हासिल किया मुकाम

छोटे से गांव हेसेल से ओलंपियन निक्की प्रधान समेत 26 राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं स्टेट लेवल की खिलाड़ी निकली है. खास बात यह है की इन खिलाडि़यों में सभी लड़कियां ही हैं. 13 लड़कियां आज विभिन्न जगहों पर सरकारी नौकरी कर रही हैं. मुरहू के हेसेल गांव से जिन लड़कियों ने हॉकी में स्थान बनाया है, उनमें पुष्पा प्रधान, निक्की प्रधान, शशि प्रधान (तीनों सगी बहनें) नीलम पूर्ति, सुमन तिड़, नीलम मुंडू, रेशमा मिंजूर, गांगी मुंडू, रश्मि मुंडू, प्रिया एक्का, आशा कुमारी, ममता कुमारी, सुशीला कंडुलना, एतवारी मुंडू, बिरसी मुंडू, रूकमनी डोडराय, मुक्ता मुंडू, डेजी मुंडू, कांति प्रधान, सरिन प्रधान, सरानी मिंजूर, शांति तिडू, नंदिता मुंडू, करमी तिड़ तथा शिलवंती मिंजूर शामिल हैं. इसे भी पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/ranchi-arch-diocese-distributed-ration-among-more-than-200-families-in-four-villages/91549/">रांची

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पेलौल स्कूल (हॉकी की नर्सरी)से निकलीं खिलाड़ियों ने देश का किया प्रतिनिधित्व

हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय पेलौल के पूर्व शिक्षक व हॉकी कोच दशरथ महतो ने बताया कि, इस विद्यालय की नौ छात्राएं पुष्पा प्रधान, निक्की प्रधान, शशि प्रधान (तीनों सगी बहनें), अनिमा सोरेंग, जसमनी तिड़ू, हेलेन सोय, दुलारी पूर्ति, गुड्डी कुमारी व एक अन्य ने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया है. इसके अलावा निम्मी तिड़ू, नीलम पूर्ति, सेतेंग सोय, पुष्पा पूर्ति, अनीता स्वांसी, नीलम मुंडू, किर्तींती होरो, रेश्मा मेंजूर, गांगी मुंडू, आशा कुमारी, नौरी मुंडू, सिलवंती मेंजूर, दयामनी आंईंद, सुशांति भेंगरा, विलासी तिड़ू, दुलारी कंडुलना, बसंती कच्छप, एतवारी मुंडू, बिरसी मुंडू, एमरेंसिया सोय, मुक्ता मुंडू, सुशीला भेंगरा, कुमुदिनी गुड़िया, रूक्मिणी डोडराय, सलोमी पूर्ति जैसे 26 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी समेत 73 लड़कियो तथा 13 लड़के शामिल हैं. इसे भी पढ़ें-ठनका">https://lagatar.in/dependents-of-four-persons-who-died-from-thanka-got-a-check-of-4-4-lakh-ex-gratia-grant/91557/">ठनका

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