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हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी की आजीवन कारावास की सजा को 7 साल कठोर कारावास में बदला

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने एक आपराधिक मामले में सत्र न्यायालय के फैसले में आंशिक संशोधन करते हुए हत्या के दोषी की सजा कम कर दी. अदालत ने आरोपी की सजा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 से बदलकर धारा 304 (भाग-I) के तहत कर दिया और उसे 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई.
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Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने एक आपराधिक मामले में सत्र न्यायालय के फैसले में आंशिक संशोधन करते हुए हत्या के दोषी की सजा कम कर दी. अदालत ने आरोपी की सजा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 से बदलकर धारा 304 (भाग-I) के तहत कर दिया और उसे 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने लक्ष्मण दोराइबुरू उर्फ लक्ष्मण डेराइबुरू की अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया. 

 

क्या कहा हाईकोर्ट ने


हाईकोर्ट ने साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए पाया कि घटना अचानक हुए झगड़े के दौरान हुई थी और इसमें पूर्व नियोजित हत्या का स्पष्ट इरादा साबित नहीं होता है. अदालत ने कहा कि दोनों भाइयों के बीच अचानक विवाद हुआ और उसी आवेश में आरोपी ने एक ही वार किया. अदालत ने माना कि मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 300 के अपवाद-4 के दायरे में आता है, इसलिए इसे हत्या नहीं बल्कि गैर-इरादतन हत्या (धारा 304 भाग-I) माना जाना चाहिए. 

 


खंडपीठ ने आरोपी को 7 वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. साथ ही जुर्माने की राशि मृतक की पत्नी और बच्चों को देने का निर्देश दिया. कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पश्चिम सिंहभूम को पीड़ित परिवार को राज्य पीड़ित मुआवजा योजना के तहत उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू करने का निर्देश दिया.

 

क्या है मामला

 

मामला पश्चिम सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के गुमुरिया गांव का है. 9 मई 2021 की रात आरोपी लक्ष्मण दोराइबुरू अपने बड़े भाई अंकुरा दोराइबुरू के साथ एक शादी समारोह से लौट रहा था. रास्ते में दोनों भाइयों के बीच बैल बेचने को लेकर विवाद हो गया. विवाद बढ़ने पर आरोपी ने चाकू से अपने भाई की पीठ पर वार कर दिया, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई. 


मृतक की पत्नी मनीषा दोराइबुरू के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया. ट्रायल कोर्ट ने 21 मार्च 2023 को आरोपी को धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

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