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NDPS मामलों में आरोपी की याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज

झारखंड हाईकोर्ट ने एनडीपीएस (NDPS) मामलों में आरोपी देवेंद्र मुंडा की याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी डिटेंशन हिरासत के आदेश को सही ठहराया और उसमें हस्तक्षेप से इनकार कर दिया.
 
  • नारकोटिक्स केस में 1 साल की डिटेंशन हिरासत बरकरार
  • 23.10.2025 से एक वर्ष की डिटेंशन हिरासत अवधि को दी थी चुनौती
  • एक केस में दोषसिद्धि व  दूसरे केस में 2.2 किलो अफीम बरामदगी को बनाया आधार

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने एनडीपीएस (NDPS) मामलों में आरोपी देवेंद्र मुंडा की याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी डिटेंशन हिरासत के आदेश को सही ठहराया और उसमें हस्तक्षेप से इनकार कर दिया. 

 

दरअसल,  मुंडा पर एनडीपीएस एक्ट के तहत 14 अक्टूबर 2025 का डिटेंशन ऑर्डर जारी हुआ, जो 19 दिसंबर को 1 साल के लिए पुष्ट हुआ. कोर्ट ने मुंडा के 2018 (रामगढ़ केस) में दोषसिद्धि व 2024 (पत्थलगड्डा, चतरा) केस, 2.2 किलो अफीम बरामद) को आधार बनाया.

 

कहा कि प्रार्थी नशीले पदार्थों में आदतन लिप्त है और समाज के लिए खतरा है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में फैसला सुनाया. कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता लगातार मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों में संलिप्त रहा है.

 

प्रशासन ने समाज की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो निर्णय लिया, वह उचित है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले (D.M. Nagaraja केस) के सिद्धांतों के अनुसार यह आदेश सही पाया गया. कोर्ट ने निरोधात्मक हिरासत आदेश को वैध और उचित माना.

 

क्या है मामला 

प्रार्थी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं. वर्ष 2018 में भी वह एक मामले में दोषी ठहराए जा चुके हैं और 10 साल की सजा मिली थी. बाद में जमानत मिलने के बावजूद 2024 में फिर से 2.2 किलो अफीम के साथ पकड़े गए. इसके आधार पर राज्य सरकार ने 14 अक्टूबर 2025 को एक साल के लिए निरोधात्मक हिरासत का आदेश जारी किया था.

 

क्या था प्रार्थी का पक्ष

मामले में प्रार्थी का कहना था कि एक मामले में उसे जमानत मिलने के बाद वह किसान के रूप में कार्य कर रहा था. इसी दौरान 17.10.2025 को पुलिस अधीक्षक, चतरा द्वारा जारी डिटेंशन पत्र प्राप्त होने पर उसे जानकारी हुई कि गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखंड सरकार के प्रधान सचिव, रांची ने 14.10.2025 के आदेश के तहत उसके खिलाफ डिटेंशन हिरासत का आदेश पारित किया है.

 

इस आदेश की पुष्टि 19.12.2025 को की गई, जिसके तहत 23.10.2025 से एक वर्ष की डिटेंशन हिरासत अवधि निर्धारित की गई है. प्रार्थी ने अपने खिलाफ जारी डिटेंशन हिरासत आदेश को निरस्त करने का आग्रह कोर्ट से किया था.

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