Dhanbad : धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग को जल्द चालू करने की मांग को लेकर केंदुआ-करकेंद के व्यवसायियों ने शनिवार को स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया. व्यवसायियों का कहना है कि सड़क बंद होने से उनके व्यापार पर गहरा असर पड़ रहा है और आम लोगों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है.

सर्राफा व्यवसायी संघ, केंदुआ के अध्यक्ष पंकज भुवानिया ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन केंदुआडीह क्षेत्र को डेंजर जोन घोषित कर लोगों को बेलगड़िया में विस्थापित करना चाहता है.
जबकि वहां रोजगार के पर्याप्त साधन नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्थानीय लोग अपना रोजगार छोड़कर कहीं और जाने को तैयार नहीं है. यदि बेहतर सुविधाओं वाली जगह दी जाती है, तभी विस्थापन पर विचार किया जा सकता है.

जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष चेतन गोयनका ने भी प्रशासन पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि सड़क 11 दिनों से बंद है, जिससे हजारों व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं. यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो जिले के 40 हजार व्यवसायियों के साथ व्यापक आंदोलन किया जाएगा. इसमें बाजार बंद और चक्का जाम भी शामिल हो सकता है.
जिला चैंबर के उपाध्यक्ष अजय नारायण लाल ने जिला प्रशासन और बीसीसीएल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र को खाली कराने की एक सोची-समझी साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क का धंसना भी संदिग्ध है और इसमें कहीं न कहीं साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
उन्होंने बताया कि झरिया और आसपास के इलाकों में पहले भी कई बार भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी है. लेकिन कभी मुख्य मार्ग को इस तरह बंद नहीं किया गया. इससे स्थानीय लोगों और व्यवसायियों में सवाल उठ रहे हैं.

अजय नारायण लाल ने आरोप लगाया कि इस क्षेत्र में आउटसोर्सिंग के जरिए कोयला खनन की तैयारी की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर पूरा नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिले के सभी 62 चैंबर जिला चैंबर अध्यक्ष चेतन गोयनका और धनबाद विधायक राज सिन्हा के नेतृत्व में इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं.
पार्षद प्रतिनिधि कृष्णा राउत ने सवाल उठाया कि जब पहले डीसी लाइन को अग्नि प्रभावित क्षेत्र बताकर बंद किया गया था और बाद में दो साल बाद फिर चालू कर दिया गया तो धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग को क्यों नहीं खोला जा सकता.
उन्होंने कहा कि प्रशासन का तर्क है कि डीजीएमएस और सिंफर की रिपोर्ट के अनुसार भू-धंसान का खतरा बढ़ गया है, इसलिए सड़क फिलहाल उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं है.

इधर धनबाद विधायक राज सिन्हा सड़क को पुनः चालू कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, जिसका आज तीसरा दिन है. उन्होंने बीसीसीएल और जिला प्रशासन के रवैये को नकारात्मक बताते हुए कहा कि अब तक न तो डीजीएमएस और न ही सिंफर की कोई स्पष्ट जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है.
उन्होंने मांग की है कि सभी रिपोर्ट्स को सार्वजनिक कर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ बैठक में रखा जाए. विधायक ने कहा कि बिना सम्मानजनक विस्थापन के लोगों को कहीं भी जबरन नहीं भेजा जाएगा.उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक लिखित आश्वासन और ठोस समाधान नहीं मिलता धरना जारी रहेगा.
गौरतलब है कि करीब 12 दिन पहले केन्दुआडीह थाना के समीप सड़क धंसने की घटना हुई थी .जिसके बाद बीसीसीएल और जिला प्रशासन ने धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग को एहतियातन बंद कर दिया और क्षेत्र को डेंजर जोन घोषित कर दिया गया है. फिलहाल वाहनों का परिचालन डायवर्जन रूट से कराया जा रहा है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment