- बायोमेडिकल वेस्ट इधर-उधर दबाने से बीमारियों का खतरा
- दर्जनों गांव प्रभावित
- जांच में गड़बड़ी की पुष्टि
- ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
Dhanbad : जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के कशीयाटांड़ स्थित मेडिकल बायो वेस्ट प्लांट की कथित लापरवाही से आसपास के दर्जनों गांवों के लोग गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट संचालक नियमों को ताक पर रखकर बायोमेडिकल कचरे का सुरक्षित निपटान करने के बजाय उसे जगह-जगह गड्ढा खोदकर जमीन में दबा रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.

ग्रामीणों के मुताबिक, खासकर गर्मी और बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं. जमीन में दबाए गए मेडिकल कचरे से उठने वाली तीखी बदबू पूरे क्षेत्र में फैल जाती है, जिससे लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है. इसके साथ ही संक्रमण फैलने की आशंका ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन, उपायुक्त और स्वास्थ्य विभाग को लिखित शिकायत दी गई. लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. प्रशासनिक उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने अंतत प्रदूषण नियंत्रण विभाग से शिकायत की.
शिकायत के बाद विभाग हरकत में आई और जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. जांच के दौरान विभाग को की गई शिकायत सही पाई गई. टीम के सदस्य निरालाल बास्की ने पुष्टि की कि बायोमेडिकल वेस्ट को नियमों के विपरीत जमीन में दबाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंप दी गई है और आगे की कार्रवाई जल्द की जाएगी.

इस बीच ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्लांट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे. उनका कहना है कि वे अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे.


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