Search

 
 
 

हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर पद पर प्रमोशन के रोस्टर को चुनौती देने वाली याचिका की खारिज

Ranchi News: अदालत ने संकल्प में किसी तरह की अवैधता या मनमानी नहीं पाई. दरअसल याचिकाकर्ता सुबोध पासवान वर्तमान में ग्रामीण कार्य विभाग में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर हैं. उन्होंने 1995 में सड़क निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के पद पर अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी में सीधी नियुक्ति पाई थी. 27 वर्ष की सेवा के बाद उन्हें 2022 में कार्यपालक अभियंता और जनवरी 2024 में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर के पद पर पदोन्नति मिली थी.
 
फाइल फोटो

Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के चीफ इंजीनियर पद पर प्रमोशन के लिए 50 प्वाइंट आरक्षण रोस्टर लागू करने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है. हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प संख्या 1977, दिनांक 12 मार्च 2024 सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित आरक्षण के सिद्धांतों के अनुरूप है. 


अदालत ने संकल्प में किसी तरह की अवैधता या मनमानी नहीं पाई. दरअसल याचिकाकर्ता सुबोध पासवान वर्तमान में ग्रामीण कार्य विभाग में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर हैं. उन्होंने 1995 में सड़क निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के पद पर अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी में सीधी नियुक्ति पाई थी. 27 वर्ष की सेवा के बाद उन्हें 2022 में कार्यपालक अभियंता और जनवरी 2024 में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर के पद पर पदोन्नति मिली थी. उनकी ओर से याचिका दायर कर कहा गया था कि अब वे चीफ इंजीनियर पद पर पदोन्नति के लिए पात्र हैं.

इसे भी पढ़ें - 


अदालत ने पाया कि झारखंड सरकार द्वारा 12 मार्च 2024 के संकल्प के माध्यम से 50 प्वाइंट के रोस्टर को क्रमवार लागू करने का निर्णय आरक्षण कानून के अनुरूप है. 50 प्वाइंट पूरे होने पर 13 पद ST और पांच पद SC वर्ग के लिए आते हैं, जो क्रमश: 26 और 10 प्रतिशत के अनुरूप हैं.
नीति बनाने में राज्य सरकार का अधिकार


अदालत ने कहा कि सेवा शर्तों, कैडर, पदों और प्रमोशन की व्यवस्था से संबंधित नीतिगत निर्णय लेना सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है. न्यायिक समीक्षा में अदालत को यह देखना होता है कि नीति कानूनी है या नहीं, न कि यह कि सरकार इससे बेहतर नीति बना सकती थी या नहीं.


अदालत ने कहा कि 12 मार्च 2024 के संकल्प में ऐसा कोई विरोधाभास नहीं है जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित कानून के विपरीत हो. साथ ही अदालत ने माना कि 50 प्वाइंट रोस्टर को निर्धारित क्रम तक चलाने से आरक्षित और अनारक्षित वर्गों के बीच समान अवसर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही