Ranchi News : झारखंड में औद्योगिक कंपनियों में हड़ताल, तालाबंदी, ले ऑफ और कर्मचारियों की छंटनी को लेकर अब नियम और सख्त होने वाले हैं. श्रम विभाग ने इसके लिए नए नियमों का प्रारूप तैयार किया है. इसमें कंपनियों और कामगारों दोनों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया और समय सीमा तय की गई है.
हड़ताल और तालाबंदी की पहले देनी होगी सूचना
नई व्यवस्था के तहत किसी कंपनी में हड़ताल होने पर इसकी सूचना पहले देनी होगी. इसके लिए प्रपत्र-VI में जानकारी देनी होगी. इस पर पंजीकृत श्रमिक संघ के सचिव या पांच अधिकृत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर जरूरी होंगे.
सूचना की एक कॉपी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजने के साथ निबंधित डाक या स्पीड पोस्ट से सुलह अधिकारी और श्रमायुक्त को भी भेजनी होगी. वहीं, तालाबंदी के लिए प्रपत्र-VIII में सूचना देनी होगी. इसकी जानकारी कंपनी के मुख्य गेट या इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड पर भी लगानी होगी.हड़ताल की सूचना मिलने या तालाबंदी होने के बाद कंपनी प्रबंधन को पांच दिनों के अंदर संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट देनी होगी.
छंटनी और ले ऑफ के लिए भी तय होगी प्रक्रिया
एक साल या उससे ज्यादा समय तक लगातार काम करने वाले कर्मचारियों की छंटनी के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा. छंटनी की जानकारी प्रपत्र-IX के जरिए राज्य सरकार और श्रमायुक्त को देनी होगी.ले ऑफ या प्रतिष्ठान बंद करने के लिए प्रपत्र-X के तहत सरकार से अनुमति लेनी होगी. आवेदन से जुड़ी जानकारी कर्मचारियों के अलावा कंपनी के सूचना बोर्ड या इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड पर भी प्रदर्शित करनी होगी.
सरकार के फैसले के खिलाफ रिव्यू का मौका
सरकार की ओर से अनुमति देने या आवेदन खारिज करने के फैसले के खिलाफ कंपनी प्रबंधन या कामगार रिव्यू के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके लिए 30 दिन से दो महीने तक का समय रखा गया है. सरकार को ऐसे मामलों की सुनवाई कर दो महीने के अंदर फैसला करना होगा.
छंटनी के बाद कामगारों को मिलेगी आर्थिक मदद
नई व्यवस्था में छंटनी का सामना करने वाले कामगारों के लिए कामगार पुनकौशल निधि का प्रावधान किया गया है. इसके तहत छंटनी के 10 दिनों के अंदर कंपनी को कामगार के आखिरी वेतन के 15 दिनों के बराबर राशि श्रम विभाग के श्रमाधान पोर्टल से जुड़े सरकारी खाते में जमा करनी होगी.
राशि जमा होने के बाद सरकार 45 दिनों के अंदर यह पैसा कामगार के बैंक खाते में भेजेगी. इस पैसे का इस्तेमाल कामगार नए कौशल सीखने यानी री-स्किलिंग के लिए कर सकेगा. इससे छंटनी के बाद कामगारों को दोबारा रोजगार पाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

