सेक्रेटरी राजीव अरूण एक्का HC के समक्ष हुए उपस्थित, रांची-टाटा हाइवे की दी विस्तृत जानकारी
सिविल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी
रांची के कांके स्थित लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा के साथ वर्ष 2019 में सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी. जिसके बाद जनवरी माह में रांची सिविल कोर्ट ने इस केस का स्पीडी ट्रॉयल के तहत निष्पादन करते हुए अपना फैसला सुनाया था. रांची सिविल कोर्ट के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश ने इस केस में 12 युवकों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इसके साथ ही दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया था. कोर्ट ने जिन युवकों को दोषी करार दिया था, उनमें ऋषि तिर्की, सुनील उरांव, कुलदीप उरांव, संदीप तिर्की, राजन उरांव, नवीन उरांव, अमन उरांव, रोहित उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव और अजय मुंडा के नाम शामिल हैं. सभी दोषी फिलहाल बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में अपने अपराध की सजा भुगत रहे हैं. इसे भी पढ़ें- भाजपा">https://lagatar.in/people-are-asking-bjp-leader-babulal-was-jvms-election-promise-of-bringing-old-pension-scheme-even-superficial/">भाजपानेता बाबूलाल से लोग पूछ रहे, पुरानी पेंशन योजना लाने का जेवीएम का चुनावी वादा भी क्या सतही था? [wpse_comments_template]

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