Ranchi: प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई द्वारा उगाही किए गए लेवी का पैसा शेल कंपनी शिव आदि शक्ति इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड में निवेश से संबंधित मामले में आरोपी फुलेश्वर गोप की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया है.
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने फुलेश्वर गोप की जमानत याचिका खारिज कर दी. एनआईए की ओर से अधिवक्ता एके दास और सौरभ कुमार ने पक्ष रखा. दरअसल प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि फुलेश्वर गोप शिव आदि शक्ति इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर थे, लेकिन कंपनी में उनका शेयर मात्र 5% का था.
लेवी का कोई पैसा इस कंपनी में नहीं लगा है. आरोप है कि इस कंपनी में प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप की पत्नी हीरा देवी भी डायरेक्टर थी.इस शेल कंपनी के माध्यम से पीएलएफआई द्वारा अर्जित लेवी का पैसा विभिन्न कामों में लगाया जाता था. इस मामले में फुलेश्वर गोप करीब 4 साल से जेल में है.
बता दें कि मामले को लेकर बेड़ो थाना में कांड संख्या 67/ 2016 दर्ज किया गया था. केंद्र सरकार द्वारा इस मामले को एनआईए जांच के लिए हैंडओवर किया गया था. इसके बाद एनआईए ने मामले में 2/2018 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है. मामले में एनआईए ने प्रथम पूरक चार्जशीट में फुलेश्वर गोप को गवाह बताया था,जबकि दूसरे पूरक चार्जशीट में उसे आरोपी बना दिया था.
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