Ranchi: अस्सिटेंट इंजीनियर से एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पद पर प्रमोशन को लेकर दाखिल सत्यदेव मोहन घोष की याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है.
दरअसल, प्रार्थियों को सरकार ने बिहार सबओर्डिनेट सर्विसेज इंजीनियरिंग रूल 1939 के तहत प्रोन्नति दे दी थी. प्रार्थियों का कहना था कि जिस तिथि से उनके जूनियर अधिकारियों को प्रोन्नति दी गई थी, उसी तिथि से उन्हें भी प्रमोशन का लाभ दिया जाए. बिहार सबओर्डिनेट सर्विसेज इंजीनियरिंग रूल 1939 के तहत उन्हें प्रमोशन का लाभ दिया जाए.
वही मामले में हस्ताक्षेपकर्ताओं का कहना था कि रूल के तहत डिग्री होल्डर अभियंता को प्रमोशन मिलना था, जबकि प्रार्थी डिप्लोमा होल्डर अभियंता है इसलिए इन्हें प्रमोशन नहीं मिलना चाहिए. सरकार ने वर्ष 2024 में सत्यदेव मोहन घोष एवं एक अन्य को उक्त रूल के तहत प्रमोशन दिया था. सरकार की ओर से अधिवक्ता श्रेय मिश्रा ने पक्ष रखा.
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