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1.65 करोड़ रिश्वत देने में शामिल कंपनी के प्रोपराइटर की याचिका पर HC में फैसला सुरक्षित

दरअसल  मेकान के सीनियर मैनेजर मेटालर्जिकल विंग यूएन मंडल ने दो कंपनियां शिव मशीन टूल चेन्नई और जील इंडिया केमिकल रांची को अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कार्यदेश दिया था. मामले को लेकर सीबीआई ने 30 अक्टूबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी. ईडी ने इसी केस को आधार बनाते हुए ECIR दर्ज किया था. आरोप है कि मेकान के सीनियर मैनेजर ने उक्त दोनों कंपनियों को कार्यदेश देने के लिए 1.65 करोड रिश्वत ली थी.
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हाईकोर्ट

Ranchi झारखंड हाईकोर्ट ने मेसर्स जील इंडिया केमिकल्स रांची के प्रोपराइटर अजय जालान की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की. मामले में कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया.

 

अजय जालान ने पीएमएलए कोर्ट द्वारा डिस्चार्ज पिटीशन खारिज और उन पर आरोप गठित करने को चुनौती दी है.  मामले में ईडी की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा था.  

 

दरअसल मेकान के सीनियर मैनेजर मेटालर्जिकल विंग यूएन मंडल ने दो कंपनियां शिव मशीन टूल चेन्नई और जील इंडिया केमिकल रांची को अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कार्यदेश दिया था. मामले को लेकर सीबीआई ने 30 अक्टूबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी. ईडी ने इसी केस को आधार बनाते हुए ECIR दर्ज किया था. आरोप है कि मेकान के सीनियर मैनेजर ने उक्त दोनों कंपनियों को कार्यदेश देने के लिए 1.65 करोड रिश्वत ली थी.

 

 

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