Ranchi: विभिन्न अस्पतालों में वर्षों से ANM के रूप में काम करने वालों की ओर से नियमितीकरण की मांग वाली याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने झारखंड कर्मचारी आयोग (जेएसएससी) से जवाब मांगा है.
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कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि जब तक याचिका लंबित है तब तक इन्हें ना हटाया जाए और सैलरी दी जाए. अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी.
दरअसल, मामले में कुमारी गायत्री एवं अन्य की ओर से याचिका दाखिल कर कहा गया था कि वह करीब 18 वर्षों से विभिन्न अस्पतालों में संविदा के आधार पर ANM के रूप में काम कर रही हैं, और नर्सिंग स्टॉफ के रूप में अपनी सेवा दे रही हैं. वे अबतक लगातार काम कर रही हैं और कभी निकाली भी नहीं गई हैं.
जेएसएससी की ओर से नियमितीकरण की ली गई परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन के नाम पर उन्हें सफल घोषित नहीं किया गया. उन्हें परीक्षा का फॉर्म भरवारा गया लेकिन असफल घोषित किया गया. जबकि अभी भी उनसे सेवा ली जा रही है.
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