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हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय से एयरपोर्ट रोड जमीन विवाद पर मांगा जवाब

रांची एयरपोर्ट के निकट स्थित खाली जगह की जमीन के विवाद से संबंधित मामले में हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय से जवाब मांगा है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आनंद सेन की कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय से पूछा है कि वह बताएं कि उक्त जमीन पर उनका दावा कैसे बनता है, उस जमीन पर दावे से संबंधित कोई नोटिफिकेशन अगर उनके पास है तो वह प्रस्तुत करें.
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हाईकोर्ट की फाइल फोटो
  • कोर्ट ने यथा स्थिति बरकरार रखने का दिया आदेश
  • विवादित जमीन पर कोई कंस्ट्रक्शन करने के पहले सेना को लेना होगा कोर्ट से आदेश

Ranchi: रांची एयरपोर्ट के निकट स्थित खाली जगह की जमीन के विवाद से संबंधित मामले में हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय से जवाब मांगा है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आनंद सेन की कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय से पूछा है कि वह बताएं कि उक्त जमीन पर उनका दावा कैसे बनता है, उस जमीन पर दावे से संबंधित कोई नोटिफिकेशन अगर उनके पास है तो वह प्रस्तुत करें. 


कोर्ट ने उक्त विवादित जमीन पर यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया. साथ ही कहा कि अगर सेना उस जमीन पर कोई कंस्ट्रक्शन करना चाहती है तो उसे कोर्ट से आदेश लेना होगा. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने पक्ष रखा. 

 

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दरअसल मामले में नीलिमा प्रसाद ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया है कि रांची एयरपोर्ट के निकट खाली जगह उनकी जमीन है. उस जमीन का सेल डीड है, म्यूटेशन भी हो चुका है और उसका अपटूडेट रेंट रसीद भी है. इसके बावजूद सेना उनकी जमीन पर अपनी जमीन होने का दावा करते हुए सेना की जमीन होने का बोर्ड लगाया है. उनकी ओर से याचिका दाखिल कर कहा गया है कि अगर उनकी जमीन पर सेना का दावा बनता है तो इस संबंध में कोई नोटिफिकेशन उनके पास अवश्य होगा जिसे उन्हें प्रस्तुत करना चाहिए. उन्हें अनावश्यक रूप से अपनी ही जमीन पर जाने नहीं दिया जा रहा है. 

 

प्रार्थी ने यह भी कहा है कि अगर सेना उस जमीन पर कुछ निर्माण करना चाहती है या उसे लेना चाहती है तो इसका अधिग्रहण करें और उन्हें मुआवजा की रकम का भुगतान किया जाए.

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