Search

 
 
 

हजारीबाग के सहायक वन संरक्षक पर विभागीय कार्यवाही पर हाईकोर्ट की रोक

Ranchi: हाईकोर्ट ने हजारीबाग (पश्चिमी वन प्रमंडल) के सहायक वन संरक्षक (ACF)  अविनाश कुमार परमार के खिलाफ चल रही विभागीय कार्यवाही पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. हाईकोर्ट के  जस्टिस आनंदा सेन की कोर्ट ने मामले में प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का समय दिया.
 

Ranchi: हाईकोर्ट ने हजारीबाग (पश्चिमी वन प्रमंडल) के सहायक वन संरक्षक (ACF)  अविनाश कुमार परमार के खिलाफ चल रही विभागीय कार्यवाही पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. हाईकोर्ट के  जस्टिस आनंदा सेन की कोर्ट ने मामले में प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का समय दिया.


दरअसल अविनाश कुमार परमार ने अपने ही विभाग के वरीय अधिकारियों पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने और उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि उनकी अंतरिम जांच रिपोर्ट को वन संरक्षक ने पांच माह तक दबाया रखा. उसके बाद क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक रविंद्र नाथ मिश्रा के निर्देश पर वन संरक्षक ममता प्रियदर्शी ने उसी आरोपी अधिकारी से रिपोर्ट की समीक्षा कराई, जिसके खिलाफ परमार ने कमिटी गठित की थी.परमार ने कहा कि डीएफओ मौन प्रकाश ने संयुक्त जांच कमिटी की रिपोर्ट को पर्यावरणीय अनुमति (EC) के आधार पर जंगल कटाई (FC) उल्लंघन को जायज ठहराया, जबकि EC में स्पष्ट रूप से FC को मान्यता नहीं दी गई. 


भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय ने भी FC उल्लंघन पाया था. जांच कमिटी के दोनों सदस्यों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई, लेकिन प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने केवल एक पर कार्रवाई का सुझाव दिया. परमार ने यह भी बताया कि उनकी शिकायत पर समकक्ष अधिकारी से जांच कराई जा रही है और उनके खिलाफ विभागीय जांच अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस सुनील कुमार को नियुक्त किया गया. इससे एक ही मामले में दोहरी जांच हो रही है, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है. 


याचिका में मुख्य सचिव, पीसीसीएफ, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, हजारीबाग वन संरक्षक और डीएफओ मौन प्रकाश को प्रतिवादी बनाया गया है. मामले में अधिवक्ता श्रीजीत चौधरी और तान्या राय ने पक्ष रखा.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

 

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही