Search

हाईकोर्ट का सख्त रुख: 3 साल से आदेश की अवहेलना पर DGP को तलब करने की चेतावनी

  • कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो DGP को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर गैर-अनुपालन का कारण बताना होगा

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है. मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि यदि 20 जनवरी 2026 तक कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ तो राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ सकता है.

 

मामला राज्य सरकार बनाम सैमुअल डुंगडुंग की अपील से जुड़ा है. कोर्ट ने बताया कि 8 फरवरी 2023 को एकल पीठ द्वारा याचिकाकर्ता सैमुअल डुंगडुंग को बिना पिछला वेतन दिए बहाल करने का आदेश दिया गया था, लेकिन लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद इस आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया.

 

खंडपीठ ने कहा कि अपील दायर होने या उसके लंबित रहने के आधार पर आदेश का पालन न करना किसी भी तरह से उचित नहीं है, खासकर तब जब अपील में कोई स्थगन आदेश भी पारित नहीं किया गया है. कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि यह अपील 486 दिनों की देरी से दाखिल की गई थी और बार-बार स्थगन मांगा जा रहा है.

 

अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता (प्रतिवादी संख्या-1) को 20 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से बहाल किया जाए और 21 जनवरी 2026 को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो DGP को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर गैर-अनुपालन का कारण बताना होगा.

 

इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया आदेश की अवहेलना के कारण न तो याचिकाकर्ता और न ही करदाताओं को नुकसान उठाना चाहिए.

 

आवश्यकता पड़ने पर यह भी विचार किया जाएगा कि संबंधित अधिकारी को स्वयं वेतन और अन्य लाभों का भुगतान करने का निर्देश दिया जाए, जो याचिकाकर्ता को समय पर बहाली होने पर प्राप्त होते. हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बहाली अपील के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी.

 

अदालत ने राज्य के वकील को निर्देश दिया है कि इस आदेश की सूचना तुरंत झारखंड के पुलिस महानिदेशक को दी जाए, ताकि आगे किसी प्रकार की देरी न हो.

 

कोर्ट ने यह भी कहा कि सभी संबंधित अधिकारी इस आदेश की प्रमाणित प्रति के आधार पर तत्काल कार्रवाई करें. मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 को होगी, जिसमें अनुपालन की रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp