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झारखंड में वरिष्ठ IPS की दबंगई, आम रास्ता रोकने और केस में फंसाने की दी धमकी, CM तक पहुंचा मामला

Ranchi News: शिकायत में परिवार के सदस्यों और बच्चों को भी कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ मौकों पर बॉडीगार्ड के जरिए परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया और गोली मारने तक की कथित धमकी दी गई.
 
आलोक प्रियदर्शी, IPS अधिकारी

Ranchi News: रांची के अशोक नगर में आम रास्ते को लेकर विवाद अब मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है. अशोक नगर रोड नंबर-1 निवासी पत्रकार सैयद शरीफ इब्राहिम ने वरिष्ठ IPS अधिकारी आलोक प्रियदर्शी के खिलाफ मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत में आम रास्ते के इस्तेमाल से रोकने, गेट बंद कराने, धमकी देने और परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और परिवारों की सुरक्षा की मांग की है.

 

 

शिकायत में कहा गया है कि संबंधित परिवार करीब पांच दशक से उक्त जमीन पर रह रहे हैं. शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके पिता और चाचाओं ने जमीन पर अपने-अपने मकान बनाए हैं. उनका दावा है कि स्वीकृत भवन नक्शे और अन्य दस्तावेजों में अशोक नगर सोसाइटी की ओर से करीब 40 फीट का पहुंच मार्ग दर्ज है. इसी रास्ते से पांच परिवार लंबे समय से अपने घरों तक आते-जाते रहे हैं.

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रास्ता रोकने से लेकर केस में फंसाने तक का आरोप

मुख्यमंत्री को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि IPS अधिकारी के संबंधित परिसर के बगल में रहने के बाद से परिवारों को रास्ते के इस्तेमाल को लेकर कथित रूप से दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनका गेट बंद कराने और अशोक नगर की ओर से आने-जाने वाले रास्ते को रोकने की कोशिश की जा रही है.

 

इतना ही नहीं, शिकायत में परिवार के सदस्यों और बच्चों को भी कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ मौकों पर बॉडीगार्ड के जरिए परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया और गोली मारने तक की कथित धमकी दी गई.

 

धार्मिक टिप्पणी का भी लगाया आरोप

शिकायत में धार्मिक पहचान को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की जांच कराने और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने लाने की मांग की है.

 

पांच परिवारों की सुरक्षा का सवाल

शिकायतकर्ता के मुताबिक मामला केवल रास्ते के विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां रहने वाले पांच परिवारों की सुरक्षा और वर्षों पुराने आवागमन के अधिकार से जुड़ा है. उन्होंने मुख्यमंत्री से जमीन के दस्तावेज, स्वीकृत भवन नक्शे और पहुंच मार्ग से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है.

 

शिकायतकर्ता ने कहा है कि उनके पास उपलब्ध सभी दस्तावेज और साक्ष्य जांच के दौरान प्रस्तुत किए जाएंगे. साथ ही परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है.

 

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