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डॉलर के मुकाबले रुपया में ऐतिहासिक गिरावट, पहली बार 80 के पार, 8 साल में 25 फीसदी फिसला

LagatatDesk : रुपये में गिरावट का सिलसिला जारी है. रुपये के लिए सबसे खराब दौर चल रहा है. पिछले कुछ दिनों में इसकी वैल्यू तेजी से घटी है. हर दिन रुपया नये निचले स्तर पर पहुंचता जा रहा है. मंगलावर को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 80 रुपये से पार पहुंच गया. यह 7 पैसे की गिरावट के साथ 80.05 के स्तर पर खुला. इससे पहले सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे की गिरावट के साथ 79.98 के स्तर पर बंद हुआ था. (पढ़ें, निलंबित">https://lagatar.in/waiting-for-bail-of-suspended-ias-pooja-extended-next-hearing-on-july-26/">निलंबित

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आरबीआई के कोशिशों के बाद भी नहीं संभल पा रहा रुपया

आरबीआई के लाख कोशिशों के बाद भी रुपया संभल नहीं पा रहा है. मंगलवार को रुपये ने गिरने का नया रिकॉर्ड बना दिया. बता दें कि रुपये के लिए 80 के लेवल को अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट माना जा रहा था. कई दिनों से ऐसा लग रहा था कि रुपया इस लेवल को तोड़कर गिरावट का नया रिकॉर्ड बना सकता है. आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल यानी 6 महीने में रुपया में करीब 7 फीसदी टूटा है. इसे भी पढ़ें : एम्स">https://lagatar.in/jharkhand-jdu-state-president-cum-rajya-sabha-mp-khiru-mahto-met-vashisht-narayan-singh-admitted-in-aiims/">एम्स

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इन कारणों से गिर रहा रुपया-वित्त मंत्री

संसद में मॉनसून सत्र चल रहा है. सोमवार को सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि दिसंबर 2014 से अबतक रुपये में 25 फीसदी की गिरावट आयी है. रुपये के गिरने के पीछे दो महत्वपूर्ण फैक्टर को जिम्मेदार ठहराया. पहला क्रूड ऑयल का भाव और दूसरा यूक्रेन पर रूस का हमला. इसे भी पढ़ें : गढ़वा">https://lagatar.in/garhwa-5-people-of-same-family-injured-in-bike-accident-hospitalized/">गढ़वा

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पिछले आठ सालों इतनी आयी गिरावट

RBI के आंकड़े के मुताबिक, 31 दिसंबर 2014 में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर 63.33 रूपये थी. 31 दिसंबर 2015 को यह 66.33 रुपये पर आयी. इसकी तरह दिसंबर 2016 में 67.95 रुपये, 29 दिसंबर 2017 को 63.93 रुपये, 31 दिसंबर 2018 को 69.79 रुपये, 31 दिसंबर 2019 को 71.27 रुपये, 31 दिसंबर 2020 को 73.05 रुपये और 31 दिसंबर 2021 को 74.30 रुपये दर्ज की गयी. आज यह 80 के पार पहुंच गया है. इसे भी पढ़ें : विपक्ष">https://lagatar.in/when-the-opposition-attacked-the-army-came-in-front-said-caste-certificate-was-sought-earlier-also-there-is-no-change-in-the-rules-for-agniveer/">विपक्ष

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यूक्रेन पर हमले के बाद 140 डॉलर पहुंच गयी थी कच्चे तेल की कीमत

बता दें कि यूक्रेन पर हमले के बाद ही क्रूड ऑयल के भाव में तेजी आने लगी. एक समय ऐसा आया कि यह 140 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया था. भारत जरूरत का 85 फीसदी तेल आयात करता है. ऐसे में क्रूड का भाव भारत के लिए बहुत अहम हो जाता है. इसे भी पढ़ें : BREAKING">https://lagatar.in/breaking-cms-mla-representative-pankaj-mishra-reaches-ed-office-will-be-questioned/">BREAKING

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प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर लगातार हो रहा मजबूत

बता दें कि रुपये की वैल्यू डॉलर के मुकाबले लगातार कम हो रही है. इसके पीछे का कारण प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर का लगातार मजबूत होना भी है. करीब दो दशक बाद डॉलर और यूरो की वैल्यू बराबर हा चुकी है. जबकि यूरो (Euro) लगातार डॉलर से ऊपर रहता आया है. इसे भी पढ़ें : देवघर">https://lagatar.in/201503-devotees-performed-jalabhishek-in-deoghar-baba-nagari/">देवघर

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