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गृह सचिव व डीजीपी ने पुलिस अधीक्षकों के साथ की डीजी-आईजी कॉन्फेंस में चर्चा

Sanjit Yadav


Ranchi: जयपुर में हुई डीजी-आइजी कॉन्फ्रेंस में बेहतर पुलिसिंग के लिए 108 अनुशंसाएं की गईं हैं. इन अनुशंसाओं को लागू करने के लिए बुधवार को झारखंड की गृह सचिव वंदना दादेल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई. बैठक में जिलों के एसपी, रेंज के डाईजी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शामिल हुए. बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्र ने कॉन्फ्रेंस में अनुशंसाओं के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी. हर अनुशंसा पर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई.


जानकारी के मुताबिक, बैठक में पोक्सो एक्ट के क्रियान्वयन, एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, नक्सलियों के लिए सरेंडर नीति, महिला सुरक्षा, भारतीय न्याय संहिता, हर माह मीडिया के जरिये पुलिसिंग की पॉजिटिव स्टोरी कराने, पुलिस की मीडिया के साथ सिस्टमेटिक बातचीत व व्यवहार, स्मार्ट पुलिसिंग अपनाने, नक्सली इलाकों में कल्याणकारी योजनाएं चलाने, युवाओं को जोड़ने और खेलों को बढ़ावा देने, हर सीनियर अधिकारी साल में 100 घंटे अपने जूनियर को ट्रेनिंग देने में लगायेंगे जैसी अनुशंसाओं पर चर्चा की गई.

 

पुलिस अधीक्षकों को दिये गए निर्देश

  • नये अपराधिक कानून (न्याय संहिता) का शत प्रतिशत अनुपालन करायें. 
  • सभी पुलिस अधीक्षक, बीट पुलिसिंग एवं सामुदायिक सहयोग पर बल दें.
  • सभी क्षेत्रीय, जिला एवं थाना स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जाए ताकि नये रिजल्ट प्राप्त हो सके.
  • सभी पुलिस अधीक्षक को गिरफ्तारी केंद्रित पुलिसिंग के बजाय सजा दिलाने पर ध्यान देना चाहिए.
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यमों से पुलिस के अच्छे कार्यों का अनिवार्य रूप से प्रचार-प्रसार करें.
  • खुफिया जानकारी जुटाने और जांच के लिए NATGRID, NAFIS, CCTNS, ई-कोर्ट और Al-enabled analytics का उपयोग करें.
  • बीट पुलिसिंग, सामुदायिक पुलिसिंग को प्रभावी रूप से मजबूत करें.
  • मादक पदार्थों के नेटवर्क, साइबर धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर आम जनता को जागरूक करते हेतु प्रचार-प्रसार करें.
  • टूरिस्ट पॉलिसी के तहत पर्यटक एवं पुलिस के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें.
  • सभी अनुसंधानकर्ता ई-साक्ष्य ऐप का शत प्रतिशत अनुपालन करना सुनिश्चित करें.
  • अफीम की खेती को लेकर Anti Drug Strategy का रूपरेखा तैयार कर आम जनता को अफीम के दुष्प्रभाव को लेकर व्यापक रूप से जागरूक करने हेतु अभियान चलाया जाय.
  • पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति .
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज कांडों के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति.
  • उग्रवादियों के आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति का शत प्रतिशत क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति.
  • महिला सुरक्षा से संबंधित सभी प्रकार के अपराध के मद्देनजर सभी प्रकार का वांछित कार्रवाई सुनिश्चित करें.


बैठक में पुलिस मुख्यालय, स्पेशल ब्रांच, सीआईडी, एसीबी के सभी अधिकारी, जोन के आईजी, रेंज के डीआईजी और सभी जिलों के एसपी उपस्थित थे. 

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