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बेबस हैं होटल अशोका के कर्मचारी, जान देने की आ गयी नौबत, देखें वीडियो

Ranchi:  होटल अशोका के कर्मचारियों को पिछले पांच साल से वेतन नहीं मिला है. वेतन की आस में दो कर्मचारियों (महादेव उरांव और सत्येंद्र कुमार सिंह) ने दम तोड़ दिया है. अब वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मियों ने सामूहिक आत्मदाह करने की चेतावनी दी है. कर्मियों ने कहा है कि यदि लंबित वेतन उन्हें जल्द नहीं दिया गया तो वे 7 मई को सामूहिक आत्मदाह कर लेंगे. देखें वीडियो

ITDC अधिकारियों ने वेतन देने में लगाया पेंच

होटल अशोका के कर्मचारियों को वेतन मिले इसके लिए न तो बिहार सरकार पहल कर रही है और ना ही झारखंड सरकार. कर्मचारी यह आरोप लगा रहे हैं कि अधिकारियों की पेंच में वेतन की फाइल फंस गई है.

बेटे की पढ़ाई और बेटी की शादी की चिंता में पिता का निधन

मौके पर भूतपूर्व कर्मचारी स्व. महादेव उरांव की पुत्री ममता उरांव और पुत्र निक्की उरांव भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि मेरे पिताजी को दिल का दौरा पड़ा जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई. लेकिन अशोका होटल प्रबंधन और आईटीडीसी की ओर से किसी ने भी कोई मदद नहीं की. दोनों ने कहा कि उनके पिता अपने बच्चों की पढ़ाई और शादी की चिंता में थे. जिस वजह से उन्हें दिल का दौरा पड़ गया और उनका निधन हो गया. वो लंबित वेतन मिलने की आस में थे.

ना मिला वेतन और ना ही पीएफ का पैसा

वहीं वीआरएस लेने के बाद भी कई कर्मियों न तो वेतनमान का लाभ मिला और ना ही पीएफ का पैसा मिला है. जिससे वे काफी परेशान हैं. कर्मियों के अनुसार, बिहार सरकार ने वेतन देने के लिए 63 लाख रुपये दिये थे लेकिन कागजी पेंच में पैसे कहीं फंस गए. बता दें कि होटल अशोका का निर्माण तत्कालीन बिहार में वर्ष 1985 में हुआ था. बंटवारे के बाद यह होटल झारखंड की झोली में आ गया. इसे भी पढ़ें-PMAY(U):">https://lagatar.in/pmay-u-42981-houses-at-non-starter-stage-in-jharkhand-agreement-for-newly-approved-25443-houses-completed-foundation-digging-process-started/">PMAY(U):

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