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झार-क्रिसप टूल देगा सूखे की पूर्व चेतावनी, भूजल स्थिति में बदलाव व वर्षा पैटर्न की जानकारी

Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 23 अगस्त को झार-क्रिसप टूल को संभावित गेम चेंजर के तौर पर चर्चा की थी. इसे राज्य में होने वाले जलवायु प्रभावों का बेहतर प्रबंधन करने में सहायक बताया था. झार-क्रिसप टूल किस तरह सरकार और आमजनों के लिए उगयोगी होगा, इस पर झारखंड मंत्रालय में आयोजित कार्यशाला में विस्तार से चर्चा की गयी. झार-क्रिसप टूल को अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण और विकास संस्थान (IIED) के विशेषज्ञ ने तैयार किया है. झार-क्रिसप टूल सूखा की पूर्व चेतावनी देने में सक्षम है. यह समुदायों को भविष्य के जलवायु परिदृश्यों के तहत भूजल की स्थिति में बदलाव, वर्षा पैटर्न और इसी तरह की जानकारी प्रदान करता है, जो पानी के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने में सरकार को मदद कर सकता है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/99-4.jpg"

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एनएन सिन्हा ने कार्यशाला का किया उद्घाटन  

झारखंड मंत्रालय में झार-क्रिसप टूल पर तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में ग्रामीण विकास, कृषि विभाग, एवं नगर के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. तकनीकी कार्यशाला में झारखंड क्लाइमेट रिजोल्यूशन इंफॉर्मेशन सिस्टम एंड प्लानिंग (JHAR-CRISP) टूल पर चर्चा की गई. इसका  उद्घाटन एनएन सिन्हा सचिव,ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार ने किया. कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में नागेन्द्र नाथ सिन्हा, सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार, राजीव अरुण एक्का मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव झारखंड सरकार एवं मनीष रंजन, सचिव ग्रामीण विकास विभाग झारखंड ने भाग लिया. इसे भी पढ़ें-   सुप्रियो">https://lagatar.in/questions-of-supriyo-prem-prakash-close-to-bjp-and-rajbala-first-how-close-to-hemant-soren/">सुप्रियो

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यह उपकरण झारखंड में विशेष रूप से प्रासंगिक

अपने विशेष संबोधन में एनएन सिन्हा ने झारखंड में कार्यकाल के दौरान अपने अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि यह उपकरण झारखंड में विशेष रूप से प्रासंगिक है. झारखंड में झार-क्रिसप के महत्व पर बल देते हुए इसे विभिन्न विभागों में प्रयोग कर योजना निर्माण पर बल दिया. राजीव अरुण एक्का ने कहा कि इस यंत्र के माध्यम से योजना निर्माण में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे कि मनरेगा कार्यक्रम को और बल मिलेगा. मनीष रंजन ने कहा कि इसके माध्यम से योजना निर्माण से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन एवं परिणाम में बदलाव देखी जा सकेगी.

झार-क्रिसप टूल कृषि विभाग के लिए भी उपयोगी

अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण और विकास संस्थान के मुख्य शोधकर्ता ने झार-क्रिसप की विशेषताओं पर बल देते हुए कहा कि इससे सूखे कि स्थति से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा. अबू बकर सिद्दीकी, कृषि विभाग झारखंड सरकार ने झार-क्रिसप टूल को कृषि विभाग के लिए भी उपयोगी बताया. सूखा प्रारंभिक चेतावनी मॉड्यूल समुदायों को सतर्क कर सरकार को सूखे की स्थिति को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद कर सकता है, ताकि समय पर राहत और प्रतिक्रिया कार्यों की योजना बनाई जा सके. कार्यक्रम के अंत में कमिश्नर मनरेगा राजेश्वरी बी ने कहा कि इस यंत्र की उपयोगिता को समझने के लिए झारखंड के विभिन्न विकास आयामों को गहन रूप से समझने की जरूरत है, जिससे कि योजना निर्माण में व्यापकता आ सके. इसे भी पढ़ें- आंगनवाड़ी">https://lagatar.in/anganwadi-worker-will-get-rs-9500-and-helper-will-get-rs-4750-every-month-new-rules-soon-chief-minister/">आंगनवाड़ी

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राज्य स्तर पर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट बनाने पर बल

मालूम हो कि फिया फाउंडेशन की आर से झार-क्रिसप टूल का राज्य में क्रियान्वयन किया जा रहा है. फाउंडेशन के क्षेत्रीय कार्यक्रम अधिकारी जॉनसन टोपनो ने इस यंत्र को आगे ले जाने के लिए राज्य स्तर पर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट बनाने पर बल दिया. कहा कि इस टूल को ग्रामीण जनता के बीच में ले जाया जाएगा, जिससे कि वे इसका समुचित उपयोग कर सकें. जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने हेतु संस्था का प्रयास है कि मनरेगा के साथ साथ अन्य विभाग जैसे कृषि, वन एवं पर्यावरण, जल संसाधन विभाग साथ में आकर गांव के सर्वांगीण विकास हेतु योजना तैयार करें. इसे भी पढ़ें- BIG">https://lagatar.in/big-breaking-the-future-of-the-officers-candidates-will-be-decided-on-thursday-the-supreme-court-will-decide-on-the-sixth-jpsc/">BIG

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