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किसान-मजदूरों की विशाल संघर्ष रैली, लाखों लोगों ने दिल्ली में दी दस्तक

Koderma : देश की राजधानी नई दिल्ली में लाखों किसान-मजदूरों जुटे और मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. झारखंड से दस हजार से ज्यादा मजदूर-किसानों ने दिल्ली रैली में भागीदारी निभाई. सीटू, किसान सभा और खेत मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार 5 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया. रैली में शामिल मजदूर नेता और सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि रैली में जीवन जीविका पर मोदी सरकार के बढ़ते हमले के खिलाफ एकजुट संघर्ष का एलान किया गया. इस प्रभावी और ऐतिहासिक रैली में देश के मजदूर और किसान एक मंच पर आये और संयुक्त आंदोलन का एलान किया उन्होंने कहा कि यह देश की जनपक्षीय राजनीति के लिए एक बड़ा संदेश है. इसे भी पढ़ें :सीबीआई-ईडी">https://lagatar.in/14-political-parties-on-backfoot-regarding-cbi-ed-supreme-court-refuses-to-hear-petition/">सीबीआई-ईडी

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झारखंड से 10 हजार किसान-मजदूरों ने रैली में लिया हिस्सा

रैली में कोडरमा जिला सहित झारखंड से करीब दस हजार मेहनतकशों ने हिस्सा लिया. किसान सभा के राज्य संयुक्त सचिव असीम सरकार, सीटू से सम्बद्ध आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी, कंचन देवी, निर्माण कामगार यूनियन (सीटू) के नेता प्रेम प्रकाश, नागेश्वर दास, शम्भु पासवान, शिवनंदन भूइयां सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/rrr-2-1.jpg"

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मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ रैली

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें हैं सांप्रदायिक कॉरपोरेट गठजोड़ के जनविरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों का विरोध, मजदूरों को गुलाम बनाने वाले चार लेबर कोड निरस्त करना, असंगठित, ठेका और आउटसोर्सिंग कामगारों को प्रतिदिन न्यूनतम 600 रूपये वेतन का भुगतान सुनिश्चित करना, किसानों को उनके उपज पर एमएसपी दिए जाने की गारंटी, मनरेगा में दो सौ दिनों का काम और 600 रूपये मजदूरी देने, महंगाई पर रोक लगाने, खाली पड़े सभी रिक्त पदों पर अविलंब भरने, राष्ट्रीय संपत्ति की बिक्री पर रोक लगाने, दवाओं समेत सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाने, बिजली अधिनियम संशोधन 2020 वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को निजी हाथों में सौंपने का काम बंद करने समेत 14 सूत्री मुद्दों को लेकर संघर्ष का एलान किया गया. इस बाबत मई महीने में व्यापक अभियान चलाया जायेगा और जून माह में सभी राज्यों की राजधानियों में विशाल प्रदर्शन होगा. इसे भी पढ़ें :डुमरिया">https://lagatar.in/dumariya-black-panther-seen-in-baruniya-panic-among-villagers/">डुमरिया

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