को लेकर 14 राजनीतिक दल बैकफुट पर, सुप्रीम कोर्ट का याचिका सुनने से इनकार
झारखंड से 10 हजार किसान-मजदूरों ने रैली में लिया हिस्सा
रैली में कोडरमा जिला सहित झारखंड से करीब दस हजार मेहनतकशों ने हिस्सा लिया. किसान सभा के राज्य संयुक्त सचिव असीम सरकार, सीटू से सम्बद्ध आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी, कंचन देवी, निर्माण कामगार यूनियन (सीटू) के नेता प्रेम प्रकाश, नागेश्वर दास, शम्भु पासवान, शिवनंदन भूइयां सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए.alt="" width="600" height="320" />
मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ रैली
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें हैं सांप्रदायिक कॉरपोरेट गठजोड़ के जनविरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों का विरोध, मजदूरों को गुलाम बनाने वाले चार लेबर कोड निरस्त करना, असंगठित, ठेका और आउटसोर्सिंग कामगारों को प्रतिदिन न्यूनतम 600 रूपये वेतन का भुगतान सुनिश्चित करना, किसानों को उनके उपज पर एमएसपी दिए जाने की गारंटी, मनरेगा में दो सौ दिनों का काम और 600 रूपये मजदूरी देने, महंगाई पर रोक लगाने, खाली पड़े सभी रिक्त पदों पर अविलंब भरने, राष्ट्रीय संपत्ति की बिक्री पर रोक लगाने, दवाओं समेत सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाने, बिजली अधिनियम संशोधन 2020 वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को निजी हाथों में सौंपने का काम बंद करने समेत 14 सूत्री मुद्दों को लेकर संघर्ष का एलान किया गया. इस बाबत मई महीने में व्यापक अभियान चलाया जायेगा और जून माह में सभी राज्यों की राजधानियों में विशाल प्रदर्शन होगा. इसे भी पढ़ें :डुमरिया">https://lagatar.in/dumariya-black-panther-seen-in-baruniya-panic-among-villagers/">डुमरिया: बारुनिया में दिखा काला तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत [wpse_comments_template]

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