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बिरहोर परिवारों के मानवाधिकारों का हो रहा हनन, सरकार व जिला प्रशासन करे कार्रवाई : एसके सत्पथी

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Ranchi/ Hazaribagh : हजारीबाग के केरेडारी प्रखंड क्षेत्र के चट्टी बरियातू पंचायत के पगार गांव के किरण बिरहोर (10) की मौत के मामले में एनटीपीसी ने सीधे तौर पर अपना पल्ला झाड़ लिया है. मामले में झारखंड राज्य मानवाधिकार आयोग के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एसके सत्पथी ने कहा कि आदिम जनजाति की बच्ची की मौत काफी दुखद है. मामला काफी संवेदनशील है. जिला प्रशासन और सरकार को मामले में तुरंत एक्शन लेना चाहिए. बिरहोर परिवारों को पहले वहां से दूसरे स्थान पर पुनर्वासित कराया जाए.

खनन से पूर्व आदिम जनजातियों का पुनर्वास जरूरी : एसके सत्पथी

आयोग के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सत्पथी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को यह देखना चाहिए कि खनन कार्य शुरू होने से पहले लोगों को वहां से हटाया गया है या नहीं. यदि नहीं हटाया गया है, तो उन्हें हटा कर पहले पुनर्वासित करना चाहिए. इसके बाद ही खनन शुरू करने की इजाजत देनी चाहिए. लेकिन ऐसा नहीं किया जाना मनवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है. राज्य सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए. खनन परियोजना के 100 से 200 मीटर के दायरे में आदिम जनजाति की बस्ती है और वहां खनन किया जा रहा है, तो यह गलत है. इस पर जिला प्रशासन को तुरंत एक्शन लेना चाहिए और आदिम जनजाति को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करना चाहिए.

प्रदूषण की मार झेल रहे आदिम जनजाति : काजल यादव

बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष काजल यादव ने कहा कि परिवार को सरकार जल्द पुनर्वासित करे. वहां रहनेवाले बच्चों के अधिकारों हनन हो रहा है. महिलाओं के अधिकारों का हनन हो रहा है. राज्य सरकार संवेदनशील है, तो कंपनियों पर कार्रवाई करे. अगर इस तरह के मामलों में तुरंत एक्शन नहीं लिया गया, तो राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को लिखा जाएगा. कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा जाएगा.

बिरहोर बच्ची के लिए कंपनी जिम्मेवार : मनोज गुप्ता

हजारीबाग के समाजसेवी मनोज गुप्ता कहते है बिरहोर परिवार का दर्द वही जान पाएगा, जो उनके नजदीक रहा हो. बिरहोर बच्ची की मौत के लिए ऋतिक कंपनी जिम्मेवार है. जहां विलुप्त हो रही जनजातीय परिवार के लोग रह रहे हैं, वहां से 50 फीट की दूरी पर माइंस चलाना कहां तक जायज है. वे तो पहले से ही हालात के मारे हुए हैं और फिर उन्हें कंपनी वाले लोग परेशान कर रहे हैं. ऐसे में इसकी उच्चस्तरीय जांच करायी जानी चाहिए. जिम्मेवारों पर कार्रवाई होनी ही चाहिए.

एनटीपीसी पहले बिरहोर परिवारों को बसाये : अजीत कुमार

केरेडारी निवासी अजीत कुमार ने बताया कि कंपनी द्वारा माइंस में ब्लास्ट किये जाने के कारण कई बिरहोर परिवारों के मकानों में दरार आ गई है. कंपनी को चाहिए था कि मानवता के आधार पर पहले बिरहोर परिवार को कहीं सुरक्षित स्थान पर बसाया जाना चाहिए, फिर उस स्थान पर ब्लास्टिंग करना चाहिए, लेकिन पैसों के लालच में कंपनी बिरहोर परिवारों की जिंदगी से खेल रही है. बरिहोर परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था हर हाल में एनटीपीसी को करनी चाहिए.

बिरहोर बच्ची की मौत के मामले की जांच कराएगी सरकारः भूषण तिर्की

हजारीबाग एनटीपीसी सीबी माइंस क्षेत्र में इलाज के बगैर बिरहोर बच्ची की मौत के मामले को लेकर गुमला विधायक भूषण तिर्की ने कहा बच्ची अनुसूचित जनजाति के गरीब परिवार से आती थी. बीमारी से जूझ रही बच्ची ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया. इसकी जिम्मेदारी माइंस प्रबंधन की बनती है. बिरहोर परिवार के साथ इंसाफ होना चाहिए .माइंस प्रबंधन पीड़ित परिवार को मुआवजा दे. पूरे् मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. हमारी सरकार इस पर जल्द संज्ञान लेगी. हम बिरहोर परिवारों की समस्याओं को जोरदार ढंग से रखेंगे.

एनटीपीसी, दोषियों पर सरकार करे कारवाईः किशुन दास

भाजपा विधायक किशुन दास ने कहा एनटीपीसी की ओर से बिरहोर परिवारों को जो भी हक -अधिकार दिलाना होगा, हम दिलाएंगे. हम दिलाएंगे. माइंस इलाके में यह घटना घटी है, इसके लिए जिम्मेदार एनटीपीसी है. दो से तीन दिनों के अंदर इसकी जांच कराएंगे. पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाएंगे. जो दोषी होंगे उन पर कारवाई की जाएगी. प्रबंधन हमेशा पल्ला झड़ लेता है. हमारे लोग जाएंगे, मामले की तहकीकात करेंगे.

इलाज न हो सका, ताे किरण बिरहोर ने दम तोड़ा

ज्ञात हो कि बिरहोर जनजाति की बच्ची की मौत 28 फरवरी को हो गयी थी. उसके पिता बीरु बिरहोर और ग्रामीण सोहराय बिरहोर ने कहा था कि किरण माइंस से उड़ रहे धूल-गर्दा के कारण ही बच्ची बीमार पड़ गयी थी. इलाज़ के लिए केरेडारी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उचित इलाज की व्यवस्था नहीं होने के कराण लौटना पड़ा. आखिरकार किरण की मौत हो गई. इसे भी पढ़ें : लोस">https://lagatar.in/los-elections-11-names-from-jharkhand-in-bjps-first-list-sanjay-seth-from-ranchi-and-manish-jaiswal-from-hazaribagh-got-ticket-see-list/">लोस

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