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Hazaribagh News: बरही अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज के सैकड़ों मामले लंबित

बरही अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों के निष्पादन की धीमी रफ्तार से आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. बीते तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि कार्यालय में प्राप्त आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं हो पा रहा है
 
हजारीबाग जिले की खबरें

Hazaribagh: बरही अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों के निष्पादन की धीमी रफ्तार से आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. बीते तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि कार्यालय में प्राप्त आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं हो पा रहा है, जिससे सैकड़ों आवेदन लंबित पड़े हैं और लोगों को जमीन संबंधी कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. 

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वर्ष 2025-26 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अंचल कार्यालय में कुल 1623 दाखिल-खारिज आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से 924 मामलों का निष्पादन किया गया, और 680 आवेदनों को रद्द किया गया, जबकि 17 आवेदन अब भी लंबित हैं. वहीं 2 मामलों में आपत्ति दर्ज की गई. यह स्थिति दर्शाती है कि बड़ी संख्या में आवेदन या तो अस्वीकृत हो रहे हैं या समय पर उनका समाधान नहीं हो पा रहा है. 

 

चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की स्थिति और भी चिंताजनक नजर आ रही है. अब तक कार्यालय में 365 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से केवल 63 मामलों का निष्पादन किया जा सका है. जबकि 280 आवेदन लंबित हैं और 22 मामलों में आपत्ति दर्ज की गई है. शुरुआती अवधि में ही लंबित मामलों की इतनी बड़ी संख्या अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है.

 

वर्ष 2024-25 के आंकड़ों पर नजर डालें तो उस वर्ष 1747 आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से 683 मामलों का निष्पादन हुआ, जबकि 1064 आवेदन खारिज कर दिए गए. इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों का निरस्त होना भी कई सवाल खड़े करता है. यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आवेदनों में त्रुटियां अधिक थीं या फिर जांच एवं निष्पादन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मार्गदर्शन का अभाव रहा.

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि दाखिल-खारिज जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में देरी होने से जमीन संबंधी विवाद बढ़ने की आशंका रहती है. समय पर म्यूटेशन नहीं होने के कारण लोगों को बैंक ऋण, भूमि क्रय-विक्रय, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. बार-बार अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने से लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं.

 

क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार लाया जाए, लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा दाखिल-खारिज प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके.

 

इस सम्बंध में बरही सीओ चंद्रशेखर कुणाल से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नही किया. वाट्सएप पर संदेश के माध्यम से उनका पक्ष लेने का प्रयास किया उसका भी रिप्लाई समाचार लिखे जाने तक उनके द्वारा नहीं दिया गया.

 

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