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सबसे ज्यादा किसी को नुकसान हुआ है तो वह है शिक्षण संस्थान : कोचिंग एसोसिएशन

 
Medininagar (Palamu): बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए गाइडलाइन जारी कर दिया गया है. सुरक्षा को लेकर कई संस्थानों को बंद करने का निर्देश जारी किया गया है. इससे कोचिंग संस्थान भी बंद हो चुके हैं. इससे कोचिंग संचालक परेशान हैं. इसे लेकर कोचिंग संचालक सरकार से नियम के तहत काम करने देने की मांग कर रहे हैं. इस मामले पर झारखंड राज्य कोचिंग एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि पिछले दो सालों से बार-बार हो रहे लॉकडाउन के कारण अगर सबसे ज्यादा किसी को नुकसान हुआ है तो वह है शिक्षण संस्थान. इसे भी पढ़ें-   रांची">https://lagatar.in/ranchi-registrar-avinash-kumar-did-the-registry-of-cnt-land-by-ignoring-the-rules-after-investigation-the-commissioner-gave-instructions-to-constitute-a-charge-sheet/">रांची

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शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह से बंद करना ठीक नहीं 

प्रदेश संरक्षक ने कहा कि जब बार, बाजार, बस, ट्रेन और सिनेमा हॉल खुले हैं तो शैक्षणिक संस्थान भी खुलने चाहिए. इसे पूरी तरह से बंद करना ठीक नहीं है. जब 15 से 18 साल के बच्चों को कोरोना का टीका लगना शुरू हो गया तो फिर काम करने की छूट मिलनी चाहिए थी. इससे सीनियर विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद हो रहा है. कहा कि 50% क्षमता के साथ 15 वर्ष से ऊपर वाले विद्यार्थियों के लिए कोचिंग संस्थान खोला जाना चाहिए. सरकार अगर इस पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो हमलोग उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे. इसे भी पढ़ें-  सुरक्षा">https://lagatar.in/modi-meets-kovind-over-security-lapse-president-expresses-concern/">सुरक्षा

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