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जिनके पास मछली पकड़ने वाली नाव भी होगी तो नहीं मिलेगा मुख्यमंत्री कन्या दान योजना का लाभ

झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के मार्गदर्शिका में संशोधन कर दिया है.
 

Ranchi: झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के मार्गदर्शिका में संशोधन कर दिया है. इस योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल सकेगा को बहिष्कार के 14 मापदंड के अंतर्गत आते हैं. इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ बाल विवाह प्रथा को रोकने और लड़कियों के शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है.

अनाथ बालिकाओं और संप्रेक्षण गृह की पूर्व संवासी कन्याओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं. इन मामलों में राशन कार्ड की अनिवार्यता के प्रावधान से छूट होगी, लेकिन बाल कल्याण समिति का प्रमाण-पत्र आवश्यक होगा.

 

इन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ

 

1. मोटर चालित वाहन: मोटर चालित वाहन 2/3/4 व्हीलर / मछली पकड़ने वाली नाव का मालिक होना.
2. मशीनीकृत कृषि उपकरण: मशीनीकृत 3-4 व्हीलर कृषि उपकरण का मालिक होना.
3. किसान क्रेडिट कार्ड: किसान क्रेडिट कार्ड के साथ क्रेडिट सीमा 50,000/- से अधिक होना.
4. सरकारी कर्मचारी: परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी कर्मचारी होना.
5. गैर कृषि उद्यम: सरकार के साथ पंजीकृत गैर कृषि उद्यमों वाले परिवार.
6. उच्च आय: परिवार के किसी भी सदस्य की कमाई रु० 10,000 प्रति माह से अधिक होना.
7. आयकर: आयकर का भुगतान करना.
8. पेशेवर कर: पेशेवर कर चुकाना.
9. पक्की संपत्ति: पक्की दीवारों और छत के साथ 3 या अधिक कमरे होना.
10. रेफ्रिजरेटर: एक रेफ्रिजरेटर का मालिक होना.
11. लैंडलाइन फोन: लैंडलाइन फोन का मालिक होना.
12. सिंचाई भूमि: सिंचाई उपकरणों के साथ 2.5 एकड़ से अधिक सिंचाई भूमि का मालिक होना.
13. सिंचित भूमि: दो या अधिक फसल के मौसम के लिए 5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि होना.
14. बड़ी भूमि: कम से कम एक सिंचाई उपकरण के साथ कम से कम 7.5 एकड़ भूमि या उससे अधिक का मालिक होना.

 

कितनी मिलती है आर्थिक सहायता

 

कन्या के विवाह के अवसर पर 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में एबीपीएस, एनइएफटी, आरटीजीएस और पीएफएमएस के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी. लाभार्थी को अपने निकटतम बाल विकास परियोजना कार्यालय में आवेदन पत्र जमा करना होगा. महिला पर्यवेक्षिका द्वारा लाभार्थी के भौतिक सत्यापन के बाद, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा अपनी अनुशंसा के साथ संबंधित जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को आवेदन उपलब्ध कराया जाएगा.

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