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चीन से टक्कर लेना है तो भारत को बढ़ानी होगी शक्ति : अशोक कुमार कंठ

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विभावि में ‘भारत के समक्ष चीन की चुनौती’ विषय पर व्याख्यान, सामरिक संबंधों पर वक्ताओं ने रखी राय चार दशक के सबसे कठिन दौर में भारत-चीन का संबंध निगरानी राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर हो रहा है ड्रैगन Hazaribagh: चीन का आर्थिक विकास दर अब गिर रहा है. कोविड महामारी के बाद उसका ध्यान अपनी अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर है. संभव है कि वह अमेरिका से बड़ी अर्थव्यवस्था कभी न बन पाए. उक्त बातें चीन में भारत के पूर्व राजदूत अशोक कुमार कंठ ने कही. वे शनिवार को विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में ‘भारत के समक्ष चीन की चुनौती’ विषय पर व्याख्यान दे रहे थे. कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के इतिहास एवं राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था. कंठ ने कहा कि चीन शक्ति का सम्मान करता है. चीन के साथ रिश्तों को ठीक करने के लिए भारत को अपनी शक्ति बढ़ानी होगी. उन्होंने आगे कहा कि चीन के साथ पश्चिमी देशों के रिश्ते अब बिगड़ने लगे हैं. इसी बौखलाहट से चीन अब आक्रामक नीति अपनाने लगा है. अब ड्रैगन एक निगरानी राष्ट्र बनने की दिशा में है. इसलिए भारत और चीन के बीच सामरिक संबंध अब सर्वाधिक महत्व रखते हैं. इसे भी पढ़ें-हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-fire-broke-out-in-the-bus-the-lives-of-the-passengers-were-saved-due-to-the-presence-of-mind-of-the-driver/">हजारीबाग

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चीन ने प्रगति कर विश्व को चौंकाया : अशोक कुमार कंठ

अशोक कुमार कंठ ने कहा कि चीन ने विज्ञान एवं प्रविधि के क्षेत्र में प्रगति कर विश्व को चौंका दिया है. परंतु कुछ विद्वानों का मानना है कि अब चीन का भी जापानीकरण हो रहा है. उधर अमेरिका के साथ चीन की सामरिक प्रतिस्पर्धा जारी है. अब उसे यह भी लगता है कि भारत, अमेरिकी खेमा में शामिल हो चुका है. इसीलिए वह भारत के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास करता रहता है. सेना को मजबूत करने के साथ वृहत सामरिक वार्ता में समान विचारधारा वाले राष्ट्रों को गोलबंद कर के इसका सामना किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में भारत-चीन का संबंध पिछले चार दशक के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है. चीन के साथ संबंध को हम समाप्त नहीं कर सकते हैं. पिछले वर्ष भारत चीन व्यापार 135 बिलियन डॉलर का रहा. चीन के साथ जोखिममुक्त रिश्ते का खाखा तैयार करने की आवश्यकता है. इसे भी पढ़ें-लातेहार">https://lagatar.in/latehar-police-arrested-the-murderer-within-two-days/">लातेहार

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ईंट का जवाब पत्थर से देने को रहें तैयार : यशवंत सिन्हा

अपने संबोधन में भारत के पूर्व विदेश मंत्री सह हजारीबाग के पूर्व सांसद यशवंत सिन्हा ने भारत-चीन संबंध को संचालित करने के तीन सूत्री मंत्र को बताया. उन्होंने कहा कि हमें चीन से सहयोग के साथ ही जरूरत पड़ने पर डट के मुकाबला भी करनी चाहिए. उन्होंने बताया कि चीन का आचरण एक बदमाश राष्ट्र के जैसा होता जा रहा है. अब समय आ गया है कि हम ईंट का जवाब पत्थर से देने की तैयारी करें. इससे पूर्व इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. विकास कुमार ने मुख्य वक्ता का परिचय कराया तथा सभी का स्वागत किया. प्रश्न सत्र में अलग-अलग विभाग के विद्यार्थियों ने अशोक कुमार कंठ से कई अर्थपूर्ण प्रश्न पूछे. उन्होंने बहुत ही प्रभावी शैली में सभी प्रश्नों का उत्तर दिया. धन्यवाद ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने किया. [wpse_comments_template]

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