Ranchi: आईआईएम रांची ने पहली बार क्यूएस एग्जीक्यूटिव एमबीए रैंकिंग 2026 में अपनी जगह बनाई है. यह संस्थान की शैक्षणिक यात्रा में वैश्विक पहचान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.
संस्थान ने अपने पहले प्रयास में देश के अन्य आईआईएम के बीच चौथा स्थान हासिल किया है. वहीं वैश्विक स्तर पर 201+ बैंड में और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में 33वां स्थान प्राप्त किया है. इससे कार्यकारी प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में आईआईएम रांची की बढ़ती प्रतिष्ठा का संकेत मिलता है.
क्यूएस एग्जीक्यूटिव एमबीए रैंकिंग दुनिया की प्रतिष्ठित रैंकिंग में शामिल है. इसमें संस्थानों का मूल्यांकन नियोक्ता प्रतिष्ठा, अकादमिक पहचान, कैरियर परिणाम, कार्यकारी प्रोफाइल और विविधता जैसे पांच प्रमुख मापदंडों पर किया जाता है. आईआईएम रांची ने इन सभी मानकों पर संतुलित प्रदर्शन किया है.
कैरियर परिणाम के तहत संस्थान के प्रतिभागियों की वेतन वृद्धि और पदोन्नति दर को अहम माना गया. वहीं कार्यकारी प्रोफाइल में पेशेवरों के अनुभव, प्रबंधकीय भूमिका और नेतृत्व क्षमता का आकलन किया जाता है. विविधता के तहत लिंग और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व को भी महत्व दिया गया.
संस्थान ने गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, उद्योग से जुड़ाव और वैश्विक सहयोग के जरिए इस उपलब्धि को हासिल किया है. यह रैंकिंग आईआईएम रांची की अकादमिक उत्कृष्टता और उद्योग में उसकी प्रासंगिकता को दर्शाती है.
आईआईएम रांची का एग्जीक्यूटिव एमबीए कार्यक्रम खासतौर पर कामकाजी पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है. यह दो वर्षीय कोर्स है, जिसमें प्रवेश के लिए स्नातक योग्यता और कम से कम तीन साल का कार्य अनुभव जरूरी है.
कार्यक्रम में लेखा, वित्त, अर्थशास्त्र, विपणन, संचालन, रणनीतिक प्रबंधन और मानव संसाधन जैसे विषय शामिल हैं. साथ ही वैकल्पिक विषयों का भी विकल्प दिया जाता है.
यह कोर्स हाइब्रिड मोड में संचालित होता है. इसमें ऑनलाइन और आवासीय मॉड्यूल का मिश्रण होता है. ऑनलाइन कक्षाएं सप्ताहांत में आयोजित की जाती हैं, जिससे कामकाजी पेशेवरों को सुविधा मिलती है. प्रत्येक सत्र के अंत में प्रतिभागियों को संस्थान परिसर में आकर आवासीय मॉड्यूल पूरा करना होता है.
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