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30 अप्रैल तक बैंकों को हर लॉकर ग्राहकों को एग्रीमेंट की देने है जानकारी
आरबीआई के नोटिफिकेशन के अनुसार, बैंकों के लिए एग्रीमेंट रिन्यू करने की डेडलाइन 31 दिसंबर 2023 कर दी गयी है. वहीं बैंकों को 30 अप्रैल 2023 तक बैंक में लॉकर रखने वाले ग्राहकों को एग्रीमेंट रिन्यू कराने की जानकारी देनी है. आरबीआई ने लिखा कि बैंकों को सुनिश्चित करना होगा कि 30 जून 2023 तक 50 फीसदी और 30 सितंबर 2023 तक 75 फीसदी मौजूदा ग्राहकों नये एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर लें. इसे भी पढ़ें : BREAKING">https://lagatar.in/breaking-shock-to-babulal-maradi-from-high-court-in-defection-case-petition-dismissed/">BREAKING: दल बदल मामले में हाईकोर्ट से बाबूलाल मरांड़ी को झटका, याचिका खारिज
आरबीआई ने फ्रीज किये गये लॉकर को तुरंत अनफ्रीज करने को कहा
आरबीआई ने बैंकों को सलाह दी है कि वे अपने ग्राहकों के लिए स्टांप पेपर, फ्रैंकिंग, कांट्रैक्ट के लिए इलेक्ट्रोनिक एग्जिक्यूशन, ई-स्टापिंग से नये एग्रीमेंट को आसान बनाने के लिए ठोस कदम उठायें. साथ ही एग्रीमेंट की कॉपी ग्राहकों को भी उपलब्ध करायें. 1 जनवरी 2023 तक जिन ग्राहकों ने एग्रीमेंट रिन्यू नहीं किया था, उनका लॉकर्स फ्रीज कर दिया गया था. आरबीआई ने तुरंत लॉकर को अनफ्रीज करने को कहा है. इसे भी पढ़ें : अमेरिका">https://lagatar.in/americas-fbi-and-indias-cbi-officers-brainstorm-on-cyber-crimes/">अमेरिकाकी एफबीआई और भारत की सीबीआई के अधिकारियों ने साइबर अपराधों पर मंथन किया
ग्राहक के सामान को नुकसान पहुंचेगा तो बैंक की होगी जिम्मेदारी, देना होगा मुआवजा
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 18 अगस्त 2021 को सेफ डिपॉजिट लॉकर के लिए अपडेटेड गाइडलाइन जारी की थी. साथ ही ग्राहकों से 31 दिसंबर तक बैंक लॉकर एग्रीमेंट साइन कराने के लिए कहा गया था.जिसकी डेडलाइन को 31 दिसंबर 2023 कर दिया गया है. गाइडलाइन के अनुसार, अगर ग्राहक के सामान को नुकसान पहुंचता है तो यह बैंकों की जिम्मेदारी होगी. बैंक को ग्राहकों को मुआवजा देना होगा. अगर नुकसान बैंक कर्मचारी के धोखाधड़ी के कारण हुआ है तो लॉकर के किराये के 100 गुना तक पैसा बैंक को देना होगा. हालांकि प्राकृतिक आपदा या अन्य चीजों से लॉकर प्रभावित होता है तो बैंक मुआवजा का जिम्मेदार नहीं होगा. अगर लॉकर की सुविधा लेने वाले ग्राहक की मौत हो जाती है तो इस स्थिति में नये एग्रीमेंट के अनुसार नॉमिनी को लॉकर की सुविधा मिलेगी. अगर वह इस लॉकर को आगे रखना चाहता है तो उसे बैंक से संपर्क करना होगा और अगर निकालना चाहता है तो वह इसका दावेदार होगा. इसे भी पढ़ें : स्कूल">https://lagatar.in/school-became-a-market-parents-worried-about-fees/">स्कूलबना बाजार फीस पर अभिभावकों की चिंता बरकरार [wpse_comments_template]

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