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IMPORTANT NEWS : 1 अगस्त से महंगी हो जाएगी कचहरी रोड,अरगोड़ा, कडरू, डोरंडा, कुसई, चुटिया व बड़ा घाघरा की जमीन

Ranchi : राजधानी रांची के शहरी इलाकों में 1 अगस्त से जमीन और मकान की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी. इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लगने वाली है. जिले के शहरी इलाकों में निबंधन शुल्क में न्यूनतम 5 प्रतिशत और अधिकतम 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. निबंधक शुल्क में बढ़ोतरी का सीधा असर रांची नगर निगम क्षेत्र के अलावा बुंडू नगर पंचायत और आरआरडीए के क्षेत्राधिकार वाले इलाकों और सेंसस टाउन के इलाकों की भूमि के मूल्य और रजिस्ट्री फीस पर पड़ेगा. रांची में जमीन की सबसे ज्यादा कीमत चडरी मौजा, रांची मौजा, डोरंडा,हिनू और कडरू में होगी. इसे भी पढ़ें -संगठित">https://lagatar.in/raid-in-chatra-mandal-jail-to-curb-organized-criminal-gangs-khaini-beedi-and-other-items-recovered/">संगठित

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ये इलाके होंगे सबसे महंगे

फिलहाल हिनू इलाके में आवासीय जमीन की सरकारी दर 550457 लाख रुपए प्रति डिसमिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. अरगोड़ा इलाके में आवासीय जमीन की सरकारी दर 534000 लाख रुपए प्रति डिसमिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. लालपुर इलाके में आवासीय जमीन की सरकारी दर 411000 लाख रुपए प्रति डिसमिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. चडरी मौजा और कोनका मौजा में आवासीय जमीन की सरकारी दर 846000 लाख रुपए प्रति डिसमिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. रांची मौजा में आवासीय जमीन की सरकारी दर 769927 लाख रुपए प्रति डिसमिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. बड़ा घाघरा इलाके में आवासीय जमीन की सरकारी दर 577752 लाख रुपए प्रति डिसमिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. डोरंडा इलाके में आवासीय जमीन की सरकारी दर 577752 लाख रुपए प्रति डिसमिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. कडरू इलाके में आवासीय जमीन की सरकारी दर 627000 लाख रुपए प्रति डिसमिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. कुसई इलाके में आवासीय जमीन की सरकारी दर 577000 लाख रुपए प्रति डिसमिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है.

हर दो साल में बढ़ती है रजिस्ट्री फीस

बता दें कि भू-राजस्व एवं निबंधन विभाग के निर्देश पर हर वर्ष निबंधन शुल्क में वृद्धि का पुनरीक्षण होता है. शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्रों में हर दो वर्ष में जमीन और मकान के रेट में वृद्धि की जाती है. वर्ष 2021 में अंतिम बार शहरी इलाकों की भूमि, मकान और फ्लैट की कीमतों में 10 फीसदी की वृद्धि की गई थी. जो 31 जुलाई 2023 तक लागू रहेगी. सरकारी नियम के मुताबिक, हर 2 वर्ष पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में जमीन की सरकारी दर बढ़ाई जाती है. जिसका सीधा असर रजिस्ट्री में लगने वाले कोर्ट और स्टाम्प फीस पर पड़ता है. इसे भी पढ़ें -हजारीबाग">https://lagatar.in/didiyan-of-hazaribagh-became-a-business-guru-giving-training-to-the-women-of-jamtada/">हजारीबाग

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