पित्रोदा ने कहा, हर कोई राम, हनुमान, मंदिर की बात करता है, ये रोजगार नहीं दे सकते
कौन-कौन है महत्वपूर्ण भूमिका में
पश्चिम बंगाल के मिदनापुर का रहने वाला एक करोड़ इनामी नक्सली असीम मंडल झारखंड में माओवादी संगठन का महत्वपूर्ण चेहरा है. प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के बाद वह ज्यादा एक्टिव हो चुका है. असीम मंडल के साथ छत्तीसगढ़ के नक्सलियों का दस्ता प्रोटेक्शन टीम के तौर पर हमेशा सजग रहता है. वहीं बीते कुछ साल में बंगाल के ही मदन महतो जैसे नक्सलियों की सक्रियता कोल्हान के इलाके में बढ़ी है. चाईबासा के इलाके में बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के उग्रवादियों का दस्ता कैंप कर रहा है. वहीं दूसरी ओर माओवादियों का तकनीकी प्रमुख संतोष उर्फ विश्वनाथ साल 2015 से झारखंड में सक्रिय था. विश्वनाथ ने ही बूढ़ापहाड़ की घेराबंदी लैंड माइंस से की थी, वहीं चाईबासा में भी कैडरों को बम बनाने की ट्रेनिंग उसने दी थी. सुधाकरण के तेलंगाना में सरेंडर करने के बाद विश्वनाथ अपने राज्य वापस लौट गया था, लेकिन अब विश्वनाथ एक बार फिर से चाईबासा वापस आ चुका है.ये है दूसरे राज्यों के इनामी नक्सली, जिनपर झारखंड में है इनाम घोषित
| नक्सली | इनाम |
| असीम मंडल(बंगाल) | एक करोड़ |
| विश्वनाथ (आंध्रप्रदेश) | 25 लाख |
| नितेश यादव (बिहार) | 15 लाख |
| पूनम(आंध्रप्रदेश) | 15 लाख |
| अरविंद भुईयां (बिहार) | 10 लाख |
| विवेक यादव (बिहार) | 10 लाख |
| सीताराम रजवार (बिहार) | 10 लाख |
| मनीष यादव (बिहार) | 5 लाख |
| बबलू (बंगाल) | 5 लाख |
| बाबूलाल जी (बिहार) | 01 लाख |
| मीता (बंगाल) | 01 लाख |
ने बालासोर रेल हादसे की सीबीआई जांच कराने की घोषणा को हेडलाइन मैनेजमेंट करार दिया [wpse_comments_template]
Leave a Comment