New Delhi : देश को वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा के क्रम में आज सोमवार को लोकसभा में महुआ मोइत्रा ने मोदी सरकार पर हमलावर होते हुए कहा, आज देश राइटविंग आतंकवाद से त्रस्त है.उनके इस बयान से संसद में हंगामा मच गया. इस पर सत्ता पक्ष ने उन पर पलटवार किया.
VIDEO | Delhi: "78% rise in encounters, 1000% spike in deaths; if Naxalism has ended and normalcy has returned why do heavy troops still patrol in Bastar", says TMC MP Mahua Moitra in Lok Sabha.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 30, 2026
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महुआ मोइत्रा न कहा, संसद में एनर्जी क्राइसिस से निपटने को लेकर किसी रोडमैप की कोई चर्चा ही नहीं हो रही है. लेकिन आपने(सरकार) अचानक नक्सलवाद पर चर्चा शुरू करा दी.
सरकार पर तंज कसते हुए कहा, कितने महान हैं अमित शाह जी... सबको ठोक कर ठंडा कर दिया. महुआ ने नक्सलवाद के संदर्भ में कहा कि यह 1969 में सिलीगुड़ी के पास नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ और फिर देश के अन्य हिस्सों में फैल गया.
महुआ ने दावा किया कि लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म(अतिवाद) कानून-व्यवस्था की परेशानी नहीं थी. लेकिन आज भाजपा दावा कर रही है कि हमने इस समस्या का समाधान कर दिया. महुआ मोइत्रा ने कहा, मनरेगा, फॉरेस्ट राइट्स एक्ट जैसे कदमों का नक्सलिज्म खत्म करने में बड़ा योगदान रहा.
मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि 2019 से 2025 के बीच हत्याएं बढ़ी, गिरफ्तारियां (नक्सलियों की) कम हुईं. महुआ मोइत्रा ने 2011 से 2017 के बीच नक्सलियों के सरेंडर के आंकड़े गिनाते हुएकहा कि हमने मिलिट्री पावर यूज नहीं की. हमने वेलफेयर पर जोर देकर पश्चिम बंगाल को नक्सल मुक्त कर दिया.
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि नक्सलवाद 31 मार्च, 2026 तक पूरी तरह से समाप्त कर दिया जायेगा.लोकसभा में इस पर चर्चा 31 मार्च की समय सीमा समाप्त होने से एक दिन पहले की जा रही है. इस पर नियम 193 के तहत चर्चा हो रही है.
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